लॉकडाउन: दिल्ली में फंसे छात्र बोले, कॉलेज प्रशासन ने हमें मुसीबत में झोंका – stranded students in delhi alleging that the college administration is deliberately trying to risk life tedu

दिल्ली में फंसे छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन जान-बूझकर छात्रों की सुरक्षा और जान को खतरे में डालने की कोशिश कर रहा है. उन्हें ऐसे कठिन समय में हॉस्टल छोड़ने के लिए कह रहा है. दूसरी ओर, छात्र किराया चुकाने की चुनौती का भी सामना कर रहे हैं.

छात्रों ने आरोप लगा कि मकान मालिक उन्हें लॉकडाउन के दौरान के वक्त का किराये का भुगतान करने के लिए कह रहा है. इसी कड़ी में JNU ने सर्कुलर जारी करते हुए कहा गया था कि कैंपस के हॉस्टल में फंसे हुए सभी छात्रों को हॉस्टल छोड़ने और 25 जून को शैक्षणिक गतिविधि शुरू होने पर लौटने की सलाह दी जाती है.

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लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को ही नहीं छात्रों को भी कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि लॉकडाउन से पहले कॉलेजों और स्कूलों को बंद कर दिया गया था और कई छात्र अपने गृहनगर के लिए रवाना हो गए थे. लेकिन कुछ इस सोच के साथ वापस आ गए कि लॉकडाउन लंबे समय तक नहीं रहेगा.

अब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के फंसे हुए छात्रों को डीन द्वारा एक सर्कुलर के जरिए हॉस्टल खाली करने की सलाह दी गई है और शैक्षणिक गतिविधि फिर से शुरू होने पर 25 जून को वापस आने को कहा गया है. सर्कुलर में आगे कहा गया है कि चूंकि ट्रेन और फ्लाइट का संचालन शुरू हो चुका है, इसलिए छात्रों को कैंपस छोड़ने में कोई परेशानी नहीं होगी.

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लॉकडाउन के दौरान हॉस्टल में रहने वाले JNU के छात्रों ने इस सर्कुलर का विरोध जताया है. कुछ छात्रों के अनुसार ये सब जीवन और सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है. aajtak.in से बातचीत में एक छात्र ने कहा कि हम अपने हॉस्टल में सुरक्षित महसूस करते हैं. लॉकडाउन के दौरान हमें दरबदर करना कहां की बुद्ध‍िमानी है.

छात्र दीपक जन्नू विद्यार्थी ने कहा कि यात्रा में लोग तमाम तरह के जोख‍िम उठा रहे हैं. कई ट्रेनें कहीं के बजाय कहीं पहुंच गई. जब कैंपस 25 जून को फिर से खुल रहे हैं तो महीने में दो बार यात्रा क्यों करनी चाहिए. JNU के अलावा शहर के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले छात्रों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

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दिल्ली सरकार ने एक सर्कुलर में छात्र या प्रवासी मजदूरों के मकान मालिकों से किरायेदार से किराया नहीं मांगने का आग्रह किया था. सर्कुलर की अवधि एक महीना थी जो पिछले महीने के ही समाप्त हो गई थी. अब कई मकान मालिकों ने छात्रों से फिर से पूछना शुरू कर दिया है. मकान मालिकों ने धमकी भी दी है कि अगर उन्हें किराया नहीं मिला तो उन्हें पीजी या फ्लैट से बाहर निकाल दिया जाएगा.

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