लॉकडाउन में महासमुंद के इस मंदिर का फेक वीडियो वायरल, जांच में हुआ खुलासा, corona virus update Fake video of this temple of Mahasamund in lockdown goes viral investigation revealed | mahasamund – News in Hindi

लॉकडाउन में महासमुंद के इस मंदिर का फेक वीडियो वायरल, जांच में हुआ खुलासा

वन विभाग ने भालुओं के वायरल हो रहे वीडियो को फेक बताया है.

पिछले कुछ दिनों से फेसबुक और WhatsApp पर इन भालुओं का एक वीडियो वायरल (Viral Video) हो रहा है.

महासमुंद. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के महासमुंद (Mahasamund) जिले के बागबहरा के घुंचापाली स्थित मां चंडी मंदिर में हर रोज जंगल से तीन भालू आते हैं. पिछले कुछ दिनों से फेसबुक और WhatsApp पर इन भालुओं का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो को साझा करते हुए लोग जानकारी दे रहे हैं कि लॉकडाउन में मंदिर में आने वाले भालुओं को भोजन नहीं मिल रहा, इसलिए भालु गुस्सैल हो गए हैं. दरअसल वीडियो में एक भालू तेल के डिब्बे को उछाल-उछालकर खेल रहा है, इसे भालू के गुस्से का आधार मानकर लोग वीडियो को वायरल कर रहे है.

सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे वीडियो के बारे में जांच करते हुए सोमवार को वन विभाग की टीम मंदिर पहुंची. वन विभाग के डीएफओ, रेंजर और बागबाहरा टीआई जब मंदिर पहुंचे तब भी वहां भालु आए हुए थे. उनकी हरकतों का स्टडी करने पर पता चला की यहां आने वाले भालुओं में से एक की उम्र महज 1 साल है. बेहद ही चंचल स्वभाव की वजह से वह अनजानी चीजों से मंदिर में खेलता रहता है. घूंचापाली के इस मंदिर में पुजारी और मंदिर समिति के लोगों के साथ वन विभाग के भी आदमी रोजाना रहते है जो भालुओं के आने पर उन्हें प्रसाद देते हैं.

जांच करने पहुंची थी वन विभाग की टीम

डीएफओ मयंक पांडे ने बताया कि भालुओं के व्यवहार में किसी तरीके का परिवर्तन नहीं है और ना ही वह भूख की वजह से ऐसा कर रहे हैं. इस तरह से किसी वस्तुओं के साथ खेलना भालुओं में बेहद आम व्यवहार है. भालु रोजाना मंदिर परिसर में आते हैं. इनके खाने के लिए नारियल और फल्ली जैसे वस्तुओं की व्यवस्था की गई है. वीडियो को आधार बनाकर लोग गलत तरीके से अफवाह सोशल मीडिया में फैला रहे हैं.इसे लेकर जब हमने सच्चाई जानने की कोशिश की तो मंदिर समिति के सचिव दानवीर शर्मा के जरिए यह पता चला की रोजाना की भांति कुछ रोज पहले भी भालु मंदिर परिसर में आए हुए थे. बच्चा भालु की चंचलता को देखते हुए मंदिर समिति के लोगों ने उसे खेलने के लिए तेल का खाली टिन दे दिया .जिसे वह काफी समय तक उछाल-उछालकर खेल रहा था. यही नहीं भालु मंदिर परिसर में बने पानी की टंकी जिसमें भालुओं के पीने के लिए पानी की व्यवस्था की जाती है उसमें भी पानी में खेलते नजर आते है.

आपको बता दें कि इस मंदिर को देशभर में यहां आने वाले भालुओं की वजह से जाना जाता है. ऐसी मान्यता है कि भालू माता के भक्त हैं, इसलिए यहां आते हैं. यह भालू इंसानों से घुल-मिल चूके हैं और कई सालों से भालुओं का पूरा परिवार यहां रोजाना आते है लेकिन कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया.

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First published: April 14, 2020, 5:28 PM IST




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