नियमों का पालन करने की हिदायत प्रशासन ने दी है . फाइल फोटो
मुंगेली कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने विवाह आवेदन पर अनुमति प्रदान करने के लिए संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारियों को अधिकृत किया है.
मुंगेली. लॉकडाउन (Lockdown) जब से लगा है तब से किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों में पूरी तरह से रोक लगी हुई है. लेकिन अभी शासन के निर्देशों के बाद कुछ छूट मिलती दिखाई दे रही है. अक्षय तृतीया से ग्रामीण अंचलों में शादी विवाह का सीजन शुरू हो जाता है. ऐसे में मुंगेली कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने विवाह आवेदन पर अनुमति प्रदान करने के लिए संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारियों को अधिकृत किया है.
कलेक्टर डाॅ. भुरे ने बताया कि दंड प्रकिया संहिता 1973 के अंतर्गत धारा 144 (1) के तहत जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश की कंडिका-1 में सार्वजनिक स्थानों में वैवाहिक तथा अन्य आयोजन को प्रतिबंधित किया गया है. वर्तमान में वैवाहिक मुहूर्त को दृष्टिगत रखते हुए सभी अनुभाग क्षेत्रान्तर्गत आवेदकों द्वारा विवाह की अनुमति के लिए आवेदन किए जाने पर ही सशर्त अनुमति दिए जाने के लिए सभी एसडीएम को अधिकृत किया है.
जारी हुआ ये आदेश
विवाह कार्यक्रम में ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग की अनुमति बिल्कुल भी नहीं होगी. विवाह के अनुमति जिले भीतर के लिए ही प्रवृत्त होगी वहीं जिले से बाहर जाने की अनुमति का अधिकार जिलास्तर पर सुरक्षित रखा गया है. सामूहिक भोज पर प्रतिबंध रहेगा. कार्यक्रम स्थल पर मास्क एवं हाथ धोने की व्यवस्था किया जाना अनिवार्य होगा. समय-समय पर केंद्र शासन राज्य शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा.
हालांकि शर्त कठिन जरूर है लेकिन मुहूर्त देखने वाले हर शर्त पर शादी के लिए तैयार है और अब शादियां बिल्कुल ही सादे तरीके से बिना किसी पड़ोसी, रिश्तेदारों औऱ बाहरी आडंबरों के बग़ैर सम्पन्न हो रहे हैं.
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First published: April 27, 2020, 8:26 PM IST

