वेनेजुएला लौटीं नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो, मादुरो की सत्ता से बेदखली के बाद पहली बार आईं नजर – venezuela opposition leader maria corina machado returns exile democracy us role ntc pvp

वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो रविवार को निर्वासन से अपने देश लौट आईं. दिसंबर के बाद यह पहला मौका है जब मचाडो वेनेजुएला में सार्वजनिक रूप से नजर आई हैं. उनकी वापसी ऐसे समय हुई है, जब देश के लोकतांत्रिक भविष्य और अमेरिका की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं. अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के बाद मचाडो पहली बार वेनेजुएला पहुंची हैं.

मचाडो ने सोशल मीडिया पर अपनी वापसी की घोषणा करते हुए लिखा, ‘मैं यहां हूं, आपके साथ.’ वेनेजुएला के एक अन्य प्रमुख विपक्षी नेता एडमंडो गोंजालेज ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मचाडो के देश लौटने की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि वह भी बहुत जल्द मचाडो के साथ होंगे. गोंजालेज ने लिखा, ‘आज वेनेजुएला के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन है. हमारी संप्रभु आवाज उनके साथ वापस लौट आई है, ताकि इस प्रक्रिया का नेतृत्व और मार्गदर्शन कर सके.’ उन्होंने आगे कहा कि यह संघर्ष अंत तक जारी रहेगा.

चर्च पहुंचने पर समर्थकों ने किया मचाडो का स्वागत
रविवार दोपहर मचाडो राजधानी कराकस के पश्चिम में स्थित लारा के एक चर्च पहुंचीं. वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया. समर्थकों ने उनसे हाथ मिलाया और उन्हें गले लगाया. कई लोग मोबाइल फोन से उनकी वापसी के पलों को रिकॉर्ड करते नजर आए. इस दौरान समर्थक ‘मारिया! मारिया!’ के नारे लगा रहे थे. कुछ लोगों ने ‘वेनेजुएला में आपका स्वागत है’ कहकर उनकी वापसी पर खुशी जताई.

यह भी पढ़िएः ‘ईरान से निपटते ही हम क्यूबा…’, ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान, रुबियो बोले- CIA के साथ सहयोग…

ट्रंप बोले- मचाडो अच्छी महिला हैं, उम्मीद है सुरक्षित होंगी
रविवार को पत्रकारों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मचाडो की वेनेजुएला वापसी के बारे में सवाल किया. इस पर ट्रंप ने कहा, ‘मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता, लेकिन मुझे लगता है कि वह बहुत अच्छी महिला हैं. उन्होंने मुझे अपना नोबेल पुरस्कार दिया था. ऐसे में मैं उनके बारे में और क्या कह सकता हूं? मुझे उम्मीद है कि वह सुरक्षित होंगी.’ ट्रंप ने आगे कहा कि वेनेजुएला में अमेरिका का काम बहुत अच्छी तरह चल रहा है.

मादुरो की करीबी डेल्सी रोड्रिगेज के हाथों में सत्ता
निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के बाद वेनेजुएला की कमान कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के हाथों में है. रोड्रिगेज लंबे समय से मादुरो की सहयोगी रही हैं. उन्हें राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने के लिए ट्रंप प्रशासन का समर्थन भी मिला था. शुरुआत में रोड्रिगेज को केवल 90 दिनों के लिए कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया था, लेकिन वह निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी पद पर बनी हुई हैं. उन्होंने अब तक राष्ट्रपति चुनाव कराने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है.

मादुरो को हटाए जाने के बाद वेनेजुएला की सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि रोड्रिगेज अधिकतम 90 दिनों तक कार्यवाहक राष्ट्रपति रह सकती हैं. नेशनल असेंबली इस अवधि को अतिरिक्त 90 दिनों के लिए बढ़ा सकती थी. हालांकि, सत्ताधारी दल के नियंत्रण वाली नेशनल असेंबली ने उनका कार्यकाल बढ़ाने के लिए मतदान नहीं किया.

जनवरी 2025 में हिरासत में ली गई थीं मचाडो
मारिया कोरिना मचाडो को जनवरी 2025 में निकोलस मादुरो के प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह के खिलाफ प्रदर्शन के बाद कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था. इसके बाद वह करीब 11 महीने तक वेनेजुएला में छिपकर रहीं. बाद में वह गुप्त तरीके से देश छोड़ने में सफल हुईं और दिसंबर में नॉर्वे में सार्वजनिक रूप से सामने आईं. वहां उन्हें मादुरो की अधिनायकवादी सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण संघर्ष के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया.

मचाडो और उनके सहयोगी लगातार वेनेजुएला में राष्ट्रपति चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग कर रहे हैं. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का जोर पहले देश की आर्थिक स्थिति को स्थिर करने पर रहा है.

2024 के राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष ने लगाया था धांधली का आरोप
अक्टूबर 2023 में मचाडो ने विपक्षी दलों के प्राइमरी चुनाव में जीत हासिल की थी. वह 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में निकोलस मादुरो को चुनौती देना चाहती थीं, लेकिन सरकार ने उनके चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया.

इसके बाद विपक्ष की ओर से एडमंडो गोंजालेज राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बने. विश्वसनीय साक्ष्यों के मुताबिक, गोंजालेज ने मादुरो के मुकाबले दो गुने से अधिक मतों से जीत हासिल की थी. हालांकि, सत्ताधारी दल के समर्थकों के प्रभाव वाली राष्ट्रीय निर्वाचन परिषद ने मादुरो को विजेता घोषित कर दिया.

चुनाव से पहले और उसके बाद देश में व्यापक सरकारी दमन देखने को मिला. इस दौरान लोगों को जबरन गायब करने, यातना देने और मानवाधिकारों के अन्य उल्लंघनों के मामले सामने आए. मतदान के बाद के दिनों में चुनावकर्मियों सहित 2,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया.

अमेरिकी सेना ने मादुरो को किया था गिरफ्तार
इस साल जनवरी में अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की राजधानी कराकस में कार्रवाई करते हुए निकोलस मादुरो को पकड़ लिया था. इसके बाद उन्हें मादक पदार्थों से संबंधित आरोपों का सामना करने के लिए न्यूयॉर्क ले जाया गया. मादुरो ने इन आरोपों से इनकार किया है.

मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद ट्रंप प्रशासन ने मचाडो की जगह डेल्सी रोड्रिगेज के साथ मिलकर वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था और प्रशासन को पटरी पर लाने का फैसला किया. अमेरिका के इस कदम से बड़ी संख्या में वेनेजुएला के लोग हैरान रह गए थे.

मचाडो ने देश लौटने की सात बार कोशिश की
मचाडो लगातार वेनेजुएला लौटने का वादा करती रही थीं. उनकी पार्टी के मुताबिक, उन्होंने देश लौटने के सात असफल प्रयास किए थे. एक प्रयास के दौरान मचाडो ने चार्टर्ड नाव के जरिए वेनेजुएला पहुंचने की योजना बनाई थी, लेकिन नाव संचालक ने यात्रा रद्द कर दी. उसका कहना था कि नाव समुद्री यात्रा के लिए उपयुक्त नहीं थी.

एक अन्य प्रयास में मचाडो ने कैरेबियाई द्वीप कुराकाओ पहुंचने की कोशिश की थी, जहां से वह स्पीडबोट के जरिए वेनेजुएला जा सकती थीं. हालांकि, उनके विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी गई.

—- समाप्त —-


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here