छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल.
कोरोना के बाद लगे लॉकडाउन को जब केंद्र सरकार ने 2 महीने बाद हटाया था तभी भी रायपुर अल्कोहल कंजम्पशन के मामले में नंबर वन था.
- News18Hindi
- Last Updated:
August 21, 2020, 10:27 AM IST
2018 में किया था वादा
साल 2018 में राज्य की 68 सीटें जीतने से पहले ही कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में पू्र्ण शराबबंदी का वादा किया था. जबकि कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन के बाद छत्तीसगढ़ सरकार केरल के बाद शराब के ठेके खोलने वाला दूसरा राज्य था. यहां तक तक राज्य में ऑनलाइन डिलिवरी भी शुरू की गई थी. ऐसे में विपक्ष ने छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार पर यू-टर्न का आरोप लगाया है.
क्या कहती है PRS रिपोर्टदिसंबर 2019 में छपी PRS India की ‘State of State Finances: 2019-20’ रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ सरकार का 22 प्रतिशत रेवेन्यू सिर्फ एक्साइज ड्यूटी से ही आता है. कोरोना के बाद लगे लॉकडाउन को जब केंद्र सरकार ने 2 महीने बाद हटाया था तभी भी रायपुर अल्कोहल कंजम्पशन के मामले में नंबर वन था. उस समय राज्य की सरकार ने शराब पर 10 प्रतिशत कोरोना सेस भी लगाया था. हालांकि कोविड-19 के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस बात को दोहरा चुके हैं कि यह कठिन समय है और इस तरह राज्य में इस तरह से रेवेन्यू नहीं जुटाया गया तो कर्मचारियों की तनख्वाह देना भी मुश्किल हो जाएगा.

