संकट से निपटने के लिए इजरायल ने लिया सेना का सहारा| Hindi News, दुनिया

रमले (इजराइल): इजराइली सेना के अधिकारी मेजर जनरल ओरी गोर्डिन ने अपने तीन दशक के करियर में कमांडो अभियान का नेतृत्व किया है, युद्ध लड़े हैं और हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ाई भी की है, लेकिन हाल ही में उन्हें जो काम दिया गया है उसका उन्हें कोई पूर्व अनुभव नहीं था. इजराइली सेना की ‘होम फ्रंट कमांड’ के प्रमुख गोर्डिन को सेना के कोरोना वायरस “कार्य-बल” की जिम्मेदारी सौंपी गई है. 

यह कार्य-बल महामारी को फैलने से रोकने के लिए पिछले महीने गठित किया गया और इसका मुख्य उद्देश्य संक्रमितों के संपर्क में आने वालों का पता लगाना और संक्रमण के प्रसार की सीरीज तोड़ना है. गोर्डिन ने कहा, “यह अलग तरह का अभियान है.”

इजराइल में पहली बार कोरोना वायरस के मामले सामने आने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए सीमाओं को सील कर दिया गया था और लॉकडाउन लागू कर दिया गया था. इससे संक्रमण को फैलने से रोकने में बहुत हद तक सफलता मिली थी.

इसके फलस्वरूप मई में प्रतिदिन सामने आने वाले संक्रमण के मामलों में भारी गिरावट देखी गई थी और इजराइल को कोविड-19 प्रबंधन के संबंध में एक आदर्श देश माना जाने लगा था. लेकिन अधिकारियों ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को समय से पहले ही खोल दिया जिससे संक्रमण फैलने लगा. गर्मियों के दौरान नए मामले सामने की दर में वृद्धि देखी गई और मृतकों की संख्या बढ़कर 900 से अधिक हो गई.

जनता के अत्यधिक दबाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जुलाई में डॉ रोनी गमजू को राष्ट्रीय “कोरोना वायरस परियोजना प्रबंधक” नियुक्त किया. गमजू अस्पताल के प्रतिष्ठित निदेशक और स्वास्थ्य मंत्रालय में निदेशक रहे हैं. उन्होंने पहला कदम उठाते हुए संक्रमण की सीरीज को तोड़ने के लिए सेना से मदद मांगी.

हाल ही में, गमजू ने संवाददाताओं से कहा था, “आपको अभियान के लिए सर्वश्रेष्ठ बल चाहिए और इजराइल में यह कार्य इजराइली रक्षा बल ही कर सकता है.” स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशन में काम कर रहा कोरोना वायरस कार्य-बल मुख्य रूप से असैन्य संस्थाओं के लिए समन्वयक और सहायक की भूमिका निभा रहा है.

यह कार्य-बल चार मुख्य क्षेत्रों में काम कर रहा है- जांच की संख्या बढ़ाना, जांच के नतीजे जल्दी मिलें इसके लिए प्रयोगशालाओं के साथ काम करना, संक्रमितों से बात कर उनके संपर्क में आने वाले लोगों का पता लगाना और संक्रमण का शिकार हुए लोगों को तत्काल क्वारेंटीन सेंटर में भेजना.

(इनपुट: एजेंसी AP)

 




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