रीवा: हौसलों की उड़ान उम्र की मोहताज नहीं होती, मध्य प्रदेश के रीवा की नन्ही बेटी अनम अली ने यह साबित कर दिखाया है। महज़ ढाई साल की उम्र से ताइक्वांडो की ट्रेनिंग शुरू करने वाली अनम ने, 9 साल 3 महीने की उम्र में, प्रदेश में सबसे कम उम्र में ब्लैक बेल्ट हासिल कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। लेकिन अनम के इरादे सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं हैं। अब वह एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने, और देश की बेटियों को जागरूक करने के लिए, 230 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकलने जा रही हैं।
अनम अली जब चार साल की थी तभी उनकी माँ का निधन हो गया था, उसके बाद उनके पिता उसके हौसला बने जिसके बाद उसने यह मुकाम हासिल किया। रीवा के कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में, जब अनम अली को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के मेडल, और प्रमाण पत्र से नवाजा गया, तो हर कोई इस नन्ही प्रतिभा का कायल हो गया। अनम 9 साल 3 महीने की उम्र में यह मुकाम हासिल कर, मध्य प्रदेश की सबसे कम उम्र की ब्लैक बेल्ट होल्डर बन चुकी हैं। अनम की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे, उनके पिता की प्रेरणा और अटूट सहयोग रहा है, जिन्होंने उन्हें बचपन में ही ताइक्वांडो अकादमी में दाखिला दिलाया था। अब अनम ने अपने सामने एक नया और बड़ा लक्ष्य तय किया है।
अनम की उम्र महज 10 साल की है और वो रीवा के सैनिक शिशु निकेतन में कक्षा चौथी की छात्रा है। अनम का कहना है कि वियतनाम के एक लड़के ने 230 किलोमीटर का रिकॉर्ड 21 दिनों में बनाया है, और मैं उसका रिकॉर्ड 10 दिनों में तोड़ना चाहती हूँ। मैं चाहती हूँ कि दुनिया के सारे रिकॉर्ड हमारे भारत के नाम हों, मेरी यह 230 किलोमीटर की यात्रा, एक दिसंबर से अपने स्कूल सैनिक शिशु निकेतन से शुरु करेंगी, जो जबलपुर आर्मी कैंट पर समाप्त होगी। इसका उद्देश्य बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और लड़कियों को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना है। बेटियों के लिए सेल्फ डिफेंस बहुत ज़रूरी है। अनम का मानना है कि आज समाज में बेटियों की सुरक्षा के लिए उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मरक्षा में निपुण बनाना बेहद जरूरी है। अपनी इस 230 किलोमीटर की यात्रा के जरिए वह न केवल वियतनाम के एथलीट का रिकॉर्ड तोड़कर भारत का तिरंगा लहराना चाहती हैं, बल्कि देश की हर बेटी को यह संदेश देना चाहती हैं कि वे कमज़ोर नहीं हैं।