7 CRPF बटालियन और युवाओं को रोजगार, CM भूपेश बघेल ने केन्द्र को चिट्ठी लिखकर बस्तर के लिए मांगी मदद | raipur – News in Hindi

7 CRPF बटालियन और युवाओं को रोजगार, CM भूपेश बघेल ने केन्द्र को चिट्ठी लिखकर बस्तर के लिए मांगी मदद

सीएम भूपेश बघेल ने सीआरपीएफ के बस्तरिया बटालियन बनाने की भी मांग की है. (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) को चिट्ठी लिखकर नक्सल प्रभावित बस्तर (Bastar) के विकास के लिए मदद मांगी है.

नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने नक्सल प्रभावित बस्तर (Bastar) के विकास और क्षेत्र के युवाओं को रोजगार देने के लिए केंद्र सरकार से मदद मांगी है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) को लिखे पत्र में राज्य के लिए सीआरपीएफ की 7 बटालियन की मांग की गई है. साथ ही संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 1028 मोबाइल टावर और बस्तरिया बटालियन बनाने की भी मांग है.

सीआरपीएफ बटालियन और संचार व्यवस्था की मांग 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्र में कहा कि नक्सलियों से लड़ने के लिए 7 सीआरपीएफ बटालियन केंद्र सरकार ने स्वीकृत कर रखी है. जम्मू- कश्मीर से सीआरपीएफ को कम किया जा रहा है. वहां से आने वाली फ़ोर्स को छत्तीसगढ़ में भेजा जाए. उन्होंने पत्र में आगे कहा कि वर्ष 2014 में संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बस्तर क्षेत्र में 525 मोबाइल टावर लगे थे. अब 2018 में दूसरे चरण में 1028 लगने थे. लेकिन अभी तक ये नहीं लगे हैं. अतिरिक्त टावर लगने से फ़ोर्स को भी नक्सलियों से लड़ने में मदद मिलेगी और आम लोगों को भी फायदा होगा.

‘बस्तर के युवाओं को सेना में मिले मौका’मुख्यमंत्री ने अमित शाह को सुझाव देते हुए कहा कि बस्तर के युवाओं को सेना में भर्ती किया जाए. थल सेना, वायुसेना और नौसेना में भर्ती के कैंप लगाकर क्षेत्र के युवाओं को मौका दिया जाए. इसके अलावा भूपेश बघेल ने कहा कि बस्तर के युवाओं को नक्सलियों से लड़ने में भी मौका दिया जाए. केन्द्र सरकार ने 2016 में सीआरपीएफ की एक बस्तरिया बटालियन के गठन का फैसला लिया था. इससे युवाओं को रोजगार का मौका मिलेगा. नक्सल प्रभावित जिलों सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर के युवाओं को संस्कृतिक, भौगोलिक स्थिति और क्षेत्रीय भाषा के जानकारी का फ़ायदा मिलेगा.

प्री फेब्रिकेटेड तकनीक से हो निर्माणकार्य’ 

पत्र में आगे मांग करते मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के विकास के पुल, पुलिया और सड़क के निर्माण कार्यो में पारंपरिक तरीके से समय लगता है. प्री फेब्रिकेटेड तकनीक से निर्माण कार्य में समय कम लगेगा और नक्सलियों के सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने का खतरा भी कम होगा. उन्होंने कहा कि अगर केंद्र राज्य के हित में ये फैसले कर लेती है तो नक्सल से लड़ाई में अहम भूमिका अदा हो सकेगी.




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