बागेश्वर सरकार अपनी 15 दिवसीय विदेश धरती ऑस्ट्रेलिया की यात्रा हेतु भारत से प्रस्थान कर चुके हैं, यात्रा के पूर्व सरकार ने दिल्ली में 11 देशों के राजदूतों के साथ एक विशेष आध्यात्मिक शांति वार्ता का आयोजन किया इस महत्वपूर्ण बैठक में 11 देशों के राजदूत उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर सरकार ने विश्व शांति और आत्मिक शांति पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि शांति दो प्रकार की होती है एक बाहरी और दूसरी आंतरिक। वैश्विक शांति तभी संभव है, जब व्यक्ति के भीतर आत्मिक शांति हो।
उन्होंने आगे कहा कि जीवन में सच्ची खुशियाँ तभी मिलती हैं जब मन में शांति हो, और यदि विश्व में शांति स्थापित करनी है तो सबसे पहले अपने भीतर शांति स्थापित करनी होगी,इस अवसर पर सभी 11 देशों के राजदूतों ने बागेश्वर सरकार के साथ बैठकर ध्यान साधना और ॐकार मंत्र का जप किया तथा आत्मिक शांति का अनुभव किया बागेश्वर सरकार ने यह भी कहा कि आज विदेशी परंपराओं से जुड़े लोग भी सनातन धर्म के महत्व को समझ रहे हैं और उसे आत्मसात कर रहे हैं ,
सरकार ने एक प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा आओ हम सनातन की नई पहचान बनाएं, और पूरे विश्व में इसकी अलख जगाएं कार्यक्रम के अंत में उन्होंने अपना आध्यात्मिक सूत्र साझा किया ,न नास्तिक बनो, न आस्तिक बनो, बनना है तो वास्तविक बनो इसी संदेश के साथ यह बैठक संपन्न हुई और इसके उपरांत बागेश्वर सरकार ने अपनी 15 दिवसीय विदेश यात्रा ऑस्ट्रेलिया के लिए प्रस्थान किया।


