मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने प्रदेश में चल रहे गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए सभी कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और उपार्जन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, शीतल पेयजल, तौल कांटे और हम्मालों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही उपार्जन कार्य की प्रतिदिन समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई तक बढ़ा दी है और अब सभी किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके अलावा उपार्जन केंद्रों की क्षमता को 1000 क्विंटल प्रतिदिन से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन कर दिया गया है।
सीएम ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि वे जिले में बढ़ी हुई क्षमता के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें और स्वयं निगरानी रखें कि मंडियों में किसानों का किसी भी स्तर पर शोषण न हो। उन्होंने साफ कहा कि किसानों की सुविधा और हित सर्वोच्च प्राथमिकता है।


