वन अमले की कार्रवाई से 11 गरीब परिवार बेघर हो गए हे।सेहतगंज टेढ़िया पुल के समीप वन विभाग की कार्रवाई से करीब एक दर्जन गरीब परिवारों के सिर से छत छिन गई। पीएम आवास तोड़े जाने पर कलेक्ट्रेट कार्यालय में ग्रीन का गुस्सा फूट पड़ा।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में पीड़ित परिवारों ने पहुंचकर वन विभाग के अधिकारियों पर मनमानी और बिना नोटिस दिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों को तोड़ने के गंभीर आरोप लगाए हे। कार्रवाई के बाद खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर परिवारों ने प्रशासन से न्याय और पुनर्वास की मांग की है।
पीड़ितों ने जनसुनवाई में एसडीएम मनीष शर्मा के समक्ष अपनी व्यथा सुनाई ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने वर्षों की मेहनत और सरकारी योजना की सहायता से अपने मकान बनाए थे, लेकिन वन विभाग ने उन्हें कोई पूर्व सूचना या नोटिस दिए बिना ही कार्रवाई कर दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से परिवारों का घरेलू सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया और छोटे बच्चों व महिलाओं को भीषण गर्मी में खुले में रहने की नौबत आ गई है।
एसडीएम मनीष शर्मा ने कहा कि शिकायत आवेदन प्राप्त हुआ है और पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कराई जाएगी।
उपवन मंडल अधिकारी सुधीर पटले ने कहा कि वन परिक्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलता हमें जानकारी प्राप्त हुई थी की वन क्षेत्र में अतिक्रमण किया जा रहा है जिसको लेकर हमारे विभाग द्वारा अतिक्रमण की कार्रवाई को हटाया गया है परिजनों के आप पर उन्होंने कहा कि अगर ऐसी कोई घटना घटित हुई है तो वह हमें शिकायत करें पुलिस में शिकायत कर सकते है


