बालाघाट जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी में ज्यादा मुनाफा दिलाने का लालच देकर 63 लाख रुपये की ठगी करने और पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है.. पुलिस ने जांच के बाद ग्राम गर्रा निवासी दिलीप भैरम और सरपंच वैभव बिसेन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 351(3) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता जितेन्द्र उर्फ मोनू भगत ग्राम गर्रा निवासी ने पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने उसे अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर बड़ी रकम प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया था.. शिकायत में बताया गया कि आरोपी दिलीप भैरम और वैभव बिसेन ने एक राय होकर उससे कुल 63 लाख रुपये प्राप्त किए, जिनमें 60 लाख रुपये बैंक खाते के माध्यम से तथा 3 लाख रुपये नगद दिए गए थे..मामले की जांच महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक किरण वरकड़े द्वारा की गई.. जांच के दौरान शिकायतकर्ता, दोनों आरोपियों तथा गवाहों के बयान दर्ज किए गए, साथ ही बैंक खातों का स्टेटमेंट एवं व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी जांच में शामिल किए गए..जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता की फर्म एम.एस. रूमी ट्रेडर्स के सेंट्रल बैंक खाते से 6 फरवरी 2025 को 40 लाख रुपये तथा 9 जुलाई 2025 को 20 लाख रुपये आरोपी दिलीप भैरम के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसके अतिरिक्त 11 जुलाई 2025 को 3 लाख रुपये नगद दिए गए…
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों द्वारा केवल 10 लाख रुपये वापस लौटाए गए, जबकि शेष 53 लाख रुपये वापस नहीं किए गए… शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उसने कई बार पैसे वापस मांगे तो आरोपी वैभव बिसेन ने उसे जान से मारने की धमकी दी, वहीं दिलीप भैरम ने अपने बचाव में शिकायतकर्ता के खिलाफ ही पुलिस और न्यायालय में शिकायत दर्ज करा दी…दूसरी ओर आरोपी दिलीप भैरम ने जांच में दावा किया कि उसने पहले नगद राशि शिकायतकर्ता को दी थी और वही रकम बाद में बैंक खाते में वापस ली गई थी.. हालांकि वह यह स्पष्ट नहीं कर सका कि इतनी बड़ी नगद राशि उसने कब, क्यों और किसके सामने दी थी। पुलिस जांच में आरोपी के दावों को लेकर संदेह की स्थिति बनी रही..पुलिस के अनुसार बैंक ट्रांजेक्शन, गवाहों के बयान, व्हाट्सएप चैट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए हैं… इसके बाद महिला थाना बालाघाट से प्रतिवेदन भेजे जाने पर कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है..
बाइट 01– मोनू भगत ( शिकायतकर्ता)
बाइट 02- मयंक तिवारी (सीएसपी बालाघाट)


