शिवपुरी जिले के करैरा स्थित बगीचा धाम-श्रीराम राजा सरकार धाम में मंगलवार को श्रीराम कथा के चौथे दिन भगवान शिव-पार्वती विवाह और श्रीराम जन्मोत्सव के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धार्मिक स्थलों पर जुटने वाली भीड़ का जिक्र करते हुए कहा कि अब भगवान का भी ट्रेंड चल रहा है। पहले साईं बाबा के यहां भीड़ जुटती थी, फिर खाटू श्याम के यहां और अब नीम करौरी बाबा के यहां भीड़ जुट रही है। उन्होंने कहा कि जगत में कोई भी परमानेंट नहीं होता, आज हम कथा सुना रहे हैं, कल कोई और सुनाएगा। इस दौरान झंडा गांव निवासी संग्राम सिंह तोमर के बेटे का नामकरण भी हुआ। कथा की शुरुआत में पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बच्चे का नाम ‘राघव’ रखा। इसके बाद दिव्य दरबार लगा, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं की अर्जियां सुनी गईं। बुधवार को भूत-प्रेत बाधा निवारण से जुड़ा दिव्य दरबार आयोजित होगा।‘जगत में कोई परमानेंट नहीं होता’ -कथा के दौरान पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि संसार में कुछ भी स्थायी नहीं है। आज वे कथा सुना रहे हैं, कल कोई और सुनाएगा। धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ के बदलते रुझान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले साईं बाबा के यहां भीड़ जुटती थी, फिर खाटू श्याम के यहां और अब नीम करौरी बाबा के यहां लोगों की भीड़ बढ़ रही है। उनका यह बयान कथा के दौरान चर्चा का विषय रहा।शिव-पार्वती विवाह के बाद मनाया श्रीराम जन्मोत्सव -कार्यक्रम की शुरुआत महाआरती से हुई। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाया गया। फिर भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का वर्णन हुआ। भजन-संगीत के बीच श्रद्धालु झूमते नजर आए और पंडाल जयकारों से गूंज उठा।संग्राम सिंह के बेटे का नाम रखा ‘राघव’ -शिवपुरी के झंडा गांव निवासी संग्राम सिंह तोमर अपने बेटे के साथ कथा में पहुंचे थे। उनके अनुसार, पिछले साल करैरा में आयोजित कथा के दौरान उन्होंने दिव्य दरबार में अर्जी लगाई थी। उनकी तीन बेटियां थीं और वे पुत्र की कामना कर रहे थे। उन्हें चलने में भी परेशानी होती थी। संग्राम सिंह ने बताया कि इसके बाद एक साल के भीतर उनके घर बेटे का जन्म हुआ और पैरों की समस्या में भी सुधार आया। इस बार कथा की शुरुआत में पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उनके बेटे का नाम ‘राघव’ रखा। नामकरण के दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। यह संग्राम सिंह का व्यक्तिगत अनुभव है।दिव्य दरबार में सुनीं अर्जियां, आज भूत-प्रेत बाधा निवारण का कार्यक्रम -कथा के बाद लगे दिव्य दरबार में पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कई श्रद्धालुओं की समस्याएं सुनीं। टीला गांव के एक बुजुर्ग को बीड़ी पीते देखकर मंच पर बुलाया और इसे कम करने की सलाह दी। भौंती, पिछोर, कोलारस और राजगढ़ से आए लोगों ने भी अपनी अर्जियां रखीं। आयोजकों के अनुसार, एक श्रद्धालु को पत्नी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता भी दी गई।बगीचा धाम में 24 से 30 अक्टूबर तक श्रीराम कथा चल रही है। बुधवार, 28 अक्टूबर को भूत-प्रेत बाधा निवारण से जुड़ा दिव्य दरबार लगाया जाएगा। इसके बाद 29 और 30 अक्टूबर को गुरु दीक्षा कार्यक्रम होंगे। कथा में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न शहरों और गांवों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है।


