मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के तहत आज पांढुर्णा जिले में किसान बंधुओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जिले में कृषि, सिंचाई, पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में संचालित योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी साझा की।मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में 50 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की जा रही है। किसानों की सहायता के लिए 4 बीआरसी सेंटर स्थापित किए गए हैं। वहीं, 38 सिंचाई परियोजनाओं से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।
दुधा जलाशय से 235 हेक्टेयर अतिरिक्त रबी सिंचाई क्षमता विकसित की गई है।उन्होंने बताया कि चलित पशु चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से 2 हजार से अधिक पशुपालकों को घर पर ही चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं। मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के तहत स्मार्ट फिश पार्लर स्थापित किया गया है, जबकि जिले की 21 मत्स्य सहकारी समितियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण, सिंचाई सुविधाएं और उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने के अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं।


