मस्जिदें COVID-19 प्रसार का प्रमुख स्रोत बन रही: पाकिस्तान स्वास्थ्य विशेषज्ञ | Mosques becoming major source of proliferation COVID-19: Pakistan health expert

नई दिल्‍ली: दुनिया के कई देश हफ्तों से लॉकडाउन (Lockdown) में जी रहे हैं लेकिन पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने रमजान के पहले ही नमाजियों को जमात के साथ मस्जिद में नमाज पढने की अनुमति दे दी थी. हालांकि, वो खुद भी जानते हैं कि यदि इससे  कोरोनो वायरस (Coronavirus) संक्रमण में उछाल आया तो इस देश के लिए बड़ा खतरा हो सकता है. 

हालांकि, देश के शक्तिशाली सैन्य लोगों ने घर पर प्रार्थना करने का आग्रह करते हुए कहा, ‘अगले 15 दिन निर्णायक हैं.’

अब तक इस घातक वायरस का वैक्‍सीन न मिलने से इससे बचने का एकमात्र प्रभावी तरीका सोशल डिस्‍टेंसिंग ही है और ऐसे में धार्मिक सभाएं इस वायरस को बड़े पैमाने पर फैलाने का स्‍त्रोत बन सकती हैं. 

इस तर्क पर पाकिस्तान इस्लामिक मेडिकल एसोसिएशन (PIMA) ने भी सहमति व्यक्त की है, उन्होंने कहा है कि मस्जिदें वायरस के प्रसार का एक प्रमुख स्रोत बन रही हैं. शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में पीआईसीए के अध्यक्ष इफ्तिखार बर्नी ने साफ कहा, ‘मस्जिदें वायरस के संचरण का प्रमुख स्रोत बन रही हैं.’ 

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हालांकि मस्जिदों को खोलने के लिए इमरान खान-सरकार द्वारा घोषित की गई नई ढील में कुछ शर्तें हैं. जैसे- लोगों को एक-दूसरे के बीच दूरी बनाए रखनी होगी, वहीं प्रार्थना के दौरान बैठने के लिए अपनी चटाई ले जानी होगी. 

लेकिन बर्नी को नहीं लगता कि यह सही तरीका है. उन्‍होंने कहा, ‘हम लंबे समय तक स्मार्ट लॉकडाउन के तहत लोगों को घरों के अंदर रखने में सक्षम नहीं होंगे.’ डॉक्टर ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सख्‍त उपायों की जरूरत है.

PIMA के अलावा, पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन ने भी इस ढील का विरोध किया है. पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव क़ैसर सज्जाद ने शुक्रवार को कहा, ‘मस्जिदों को खोलने का कोई कारण ही नहीं है.  मैं लोगों से घर पर प्रार्थना करने और रोजाना घर पर ही रोजा खत्म करने के लिए कहता हूं.’

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