सुकमा में ग्रामीणों को जागरूक करते सीआरपीएफ जवान.
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सुकमा (Sukma) में नक्सलियों (Naxalite) से लड़ रही सीआरपीएफ इन दिनों कोरोनो वायरस को लेकर गांव-गांव में जागरुकता अभियान चला रही है.
सुकमा में दोरनापाल इलाका का नक्सल प्रभावित गांव देवरपल्ली, जहां सीआरपीएफ 74 बटालियन ने सिविक एक्शन के तहत एक कार्यक्रम रखा था. यहां आसपास गांवों के करीब तीन सौ ग्रामीण जुटे. उन ग्रामीणों को सीआरपीएफ के द्वारा शोसल डिस्टेंस बनाकर बैठाया गया. उसके बाद सीआरपीएफ ने कोरोना बीमारी को लेकर उसके लक्ष्ण के बारे में जानकारी दी. साथ ही महिला कमांडों ने स्थानीय भाषा गोंड़ी, हल्बी, धुरवा व तेलगू में उन ग्रामीणों को बीमारी से बचने के उपाय के साथ-साथ साबून से कैसे हाथ धोए उसको लेकर प्रैक्टिकल बताया गया। उसके बाद सीआरपीएफ के द्वारा गांव में भवन, स्कूल, नलकूप सभी को सेनेटाईज किया गया.
स्थानीय है महिला कमांडों के अधिकांश महिलाएं
सीआरपीएफ की महिला कमांडों जिसमें अधिकांश महिलाएं स्थानीय हैं. इसलिए ऐसे कार्यक्रमों में उनका सहारा लिया जा रहा है. ताकि इनकी भाषा और अपनापन से ग्रामीण कोरोना को लेकर जागरूक हो सकें. सीआरपीएफ लगातार नक्सल मोर्च के साथ-साथ समाजिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़ कर भाग ले रही हैं. न्यूज 18 से चर्चा करते हुए प्रवीण सिंह कमांडेंट ने बताया कि कोरोनो को लेकर यहां पर जागरुकता अभियान चलाया गया. यहा पर सभी ग्रामीण मिलजुल कर रहते हैं. कोई भी कार्य सामूहिक करते हैं, लेकिन कोरोनो में ठीक उल्टा बर्ताव करना है. सोशल डिस्टेंस रखना है. इसलिए हमने यहां पर महिला कमांडो ने स्थानीय भाषा में हाथ धोकर और बेहतर तरीके से समझाने की कोशिश की.ये भी पढ़ें:
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First published: April 29, 2020, 9:24 AM IST


