अब इंडोनेशिया में काली करतूतों को अंजाम दे रहा चीन, इन दो घटनाओं से हो रही आलोचना

नई दिल्ली: पूरी दुनिया में कोरोना का खौफ फैलाने वाला चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. भारत के साथ उसकी सेना के टकराव के बाद अब इंडोनेशिया से चीन के काले कारनामों की खबरें सामने आ रही हैं. पहले, दक्षिण कोरिया तट पर एक चीनी नौका से इंडोनेशियाई चालक दल के सदस्यों के शवों को समुद्र फेंका गया और अब इंडोनेशियाई खुफिया एजेंसी बदन इंटेलीजेन नेगरा (Badan Intelijen Negara) की आधिकारिक साइट को हैक किया गया है. इस वेबसाइट को चीन के निकॉन एपीटी (Nikon APT) समूह द्वारा निर्मित आरिया बोडू (बॉडी) हैकिंग टूल से हैक किया गया.

एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि हैकर वेबसाइट से गोपनीय जानकारी नहीं चुरा सके, क्योंकि उसे किसी अन्य स्थान पर संग्रहीत किया गया था और एजेंसी जानकारी की सुरक्षा के लिए नवीनतम सुरक्षा मानदंडों का पालन कर रही थी. Nikon ATP लगातार बने रहने वाले खतरे हैं और दिलचस्प यह है कि ये वेबसाइट को नुकसान नहीं पहुंचाते, सिर्फ डेटा हथियाते हैं.

इस बीच, पिछले हफ्ते इंडोनेशिया के विदेशमंत्री रेटनो मार्सुडी (Retno Marsudi) ने चीन के राजदूत Xiao Qian को तलब किया और इंडोनेशियाई नागरिकों के शवों को समुद्र में फेंकने की घटना पर कड़ा एतराज जताया. दक्षिण कोरियाई मीडिया ने सबसे पहले इस मामले को उठाया था कि दक्षिण कोरिया के तट से दूर चीनी जहाजों द्वारा इंडोनेशियाई नागरिकों के शवों को समुद्र में फेंका गया. मीडिया की तरफ से इस संबंध में तस्वीरें भी जारी की गई थीं, जिसके बाद चीन की काफी आलोचना हुई.

गौरतलब है कि चीनी के मछली पकड़ने वाले जहाज Long Xin 605 और Tian Yu 8 पर 4 इंडोनेशियाई लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से 3 के शव समुद्र में फेंक दिए गए थे. इसके बाद यह भी सामने आया कि चीनी जहाजों पर मानव अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है और श्रमिकों से ज़रूरत से ज्यादा काम कराया जाता है, उन्हें वेतन नहीं दिया जाता और हिंसा की घटनाएं भी होती रहती हैं.

Jakarta Globe के मुताबिक, विदेशमंत्री रेटनो मार्सुडी ने कहा है कि कोरियाई कोस्ट गार्ड से Long Xin 605 और Tian Yu जहाजों की जांच करने को कहा जाएगा. साथ ही चीनी सरकार से यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उसके जहाजों पर मौजूद इंडोनेशियाई क्रू को पर्याप्त भुगतान किया जाए और उन्हें सभी अधिकार प्रदान किये जाएं. साथ ही जहाजों पर कामकाजी माहौल को भी बेहतर बनाने के लिए कहा गया है. गौरतलब है कि मामला सामने आने के बाद अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ILO और फिशिंग रेगुलेशन निकायों से इस विषय पर ध्यान देने की अपील की गई है.

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