मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर स्पेशल फोर्स बनाने के निर्देश दिए हैं. (फाइल फोटो)
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में करीब 3 दशक से नक्सल हिंसा (Naxal Violence) का दंश झेल रहे बस्तर (Bastar) में अब स्पेशल फोर्स का गठन होने जा रहा है.
सीएम भूपेश बघेल ने राजधानी रायपुर में अपने निवास कार्यालय में आयोजित पुलिस विभाग की समीक्षा बीते सोमवार को की. बैठक में बस्तर विशेष बल के गठन के निर्देश सीएम ने दिए हैं. सीएम भूपेश ने कहा कि इसके लिए त्वरित कार्रवाई की जाए. इस विशेष बल में बस्तर के संवेदनशील क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों के स्थानीय युवाओं की भर्ती की जाए, इससे स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियां और स्थानीय भाषा की जानकारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है. यदि अंदरूनी गांवों के युवाओं की बल में भर्ती की जाएगी तो पुलिस का काम और ज्यादा आसान हो जाएगा. पुलिस मुख्यालय द्वारा विशेष बल के गठन का प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही शासन को भेजा जाएगा.
रिहाई पर कही ये बात
मुख्यमंत्री भूपेश ने कहा कि पटनायक समिति के माध्यम से छोटे-छोटे प्रकरणों में जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई के लिए तेजी से कार्रवाई की जाए. हर माह इन प्रकरणों की वापसी की समीक्षा की जाए. बैठक में बताया गया कि पटनायक समिति के समक्ष 625 प्रकरण प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें 404 प्रकरणों में समिति ने अनुशंसा की है. न्यायालय से 206 प्रकरण निराकृत किए गए हैं. इसी तरह मुख्यमंत्री ने चिटफण्ड कम्पनियों के प्रकरणों को तेजी से निराकृत कर संबंधित लोगों को राशि की वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने इन प्रकरणों की हर माह समीक्षा करने के निर्देश दिए.

