Pakistan China troubled by trilateral relations between India Israel UAE

नई दिल्ली: भारत (India) की शक्ति हर दिन बढ़ रही है. उसकी बढ़ती ताकत देखकर पाकिस्तान (Pakistan) और चीन (China) बुरी तरह घबराए हुए हैं. पाकिस्तान को लगता था कि मुस्लिम देशों (Muslim Country) की ताकत से वो हिंदुस्तान को डरा लेगा लेकिन इजरायल (Israel) और यूएई (UAE) की दोस्ती से भारत यूएई के और करीब आ गया है. पाकिस्तान इस बात से परेशान है जिस देश के कर्जे से वो अपना देश चलाता था, वो देश अब भारत का पक्का दोस्त बन गया है.

इजरायल, यूएई की गहराती दोस्ती और भारत के साथ इन दोनों के अच्छे संबंधों ने पाकिस्तान के दिल में कुलबुलाहट पैदा कर दी है. उधर अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत का क्वैड वैसे ही चीन की गले की फांस बना हुआ है. चीन और पाकिस्तान को समझ नहीं आ रहा है कि भारत की शक्ति हर दिन बढ़ती कैसे जा रही है.

पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी
15 सितंबर को इजरायल और यूएई की दोस्ती पाकिस्तान की आंखों में चुभ गई थी. अब इजरायल के राजदूत रॉन मल्का ने पाकिस्तान के जले में नमक छिड़क दिया है. इजरायली राजदूत रॉन ने भारत, इजरायल और यूएई के बीच त्रिपक्षीय संबंधों की बात कह दी है. ये बात इमरान को त्रिशूल की तरह चुभ रही है.

रॉन ने भारत, इजरायल और यूएई को साथ आने की अपील की है. दरअसल भारत और इजरायल कितने अच्छे दोस्त हैं ये पूरी दुनिया जाती है. भारत और इजरायल के बीच रक्षा और तकनीक संबंधी सौदे भी होते हैं. दूसरी ओर यूएई के साथ भी भारत के अच्छे व्यापारिक संबंध है. ऐसे में इजरायल, यूएई और भारत साथ आ गए तो ये पाकिस्तान के लिए ये एक खतरे की घंटी होगी.

अरब देशों में यूएई सुपर पावर
अरब देशों में यूएई को सुपर पावर की तरह देखा जाता है. हाल फिलहाल के दिनों में उसके भारत से संबंध भी बेहतर हुए हैं. संबंधों की मजबूती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 370 के मसले पर पाकिस्तान के सवालों पर यूएई ने उसे भारत का आंतरिक मसला बताया था. सिर्फ यही नहीं भारत के खिलाफ पाकिस्तानी बयानबाजी को देखते हुए यूएई ने उससे अपना 1 अरब डॉलर का कर्ज वापस मांग लिया था. उस वक्त भी पाकिस्तान बेहतर समझ गया था कि ये भारत यूएई के संबंधों का नतीजा है.

मुस्लिम देशों के बीच पाकिस्तान की पहचान एक न्यूक्लियर शक्ति वाले देश के तौर पर है. ऐसे में उसका ओहदा उनके बीच भले ही कम ना हो लेकिन इजरायल-यूएई और भारत के बीच दोस्ती पाकिस्तान के भविष्य के लिये ठीक नहीं और यूएई की दोस्ती से मुस्लिम देशों में भारत और इजरायल की छवि भी बदलेगी.

पाकिस्तान के लिए यूएई सोने के अंडे देने वाली मुर्गी
पाकिस्तान के लिए यूएई जैसे अमीर देश सोने के अंडे देने वाली मुर्गी के जैसे हैं, जिसके आगे गिड़गिड़ाने पर वो कर्ज देकर उसके रोटी पानी की जुगाड़ कर देते हैं. इमरान भी जानते हैं कि यूएई भारत और इजरायल के त्रिपक्षीय संबंध उसका हुक्का पानी बंद करवा सकते हैं. पाकिस्तान हर मंच पर भारत के खिलाफ माहौल बनाता है ऐसे में मुस्लिम देशों के बीच भारत का पक्ष रखने के लिए यूएई से बेहतर कोई और दोस्त नहीं हो सकता है. ये बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी बेहतर जानते हैं. यही वजह है कि पिछले 6 सालों में पीएम मोदी ने 3 बार यूएई का दौरा किया जिससे भारत और यूएई के संबंधों में मजबूती आई.

नरेंद्र मोदी के प्रयासों ने बढ़ाई नजदीकी
साल 2015 में नरेंद्र मोदी ने यूएई का दौरा किया था. उस वक्त भारतीय प्रधानमंत्री का यूएई जाना काफी अहम बात थी क्योंकि कई सालों बात कोई भारतीय पीएम पहुंचा था. दोस्ती की इस पहल पर यूएई ने भी दो कदम बढ़ाए. साल 2017 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद भारतीय गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे.

इजरायल तकनीक का बादशाह है. यूएई एक बड़ा इनवेस्टर और भारत मेहनतकश तेज दिमाग वाले लोगों का युवा देश. अगर ये साथ आए तो पाकिस्तान क्या, चीन जैसा शातिर पड़ोसी भी अपनी हरकतों से बाज़ आएगा. इजरायल और यूएई की दोस्ती ने भारत को मजबूती दी है. भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी उनकी दोस्ती को भारत के लिए एक बड़ा मौका बताया था.

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