बीजिंग: चीन (China) की कम्युनिस्ट सरकार दहशत फैलाने के लिए ‘ग्लोबल टाइम्स’ (Global Times) का इस्तेमाल करती है. ये सरकारी अखबार समय-समय पर चीन की सैन्य तैयारियों को सोशल मीडिया पर साझा करके यह दर्शाता है कि चीनी सेना अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. हालांकि, अब चीन का यह ‘हथियार’ उसी की शर्मिंदगी का कारण बन गया है.
पहले दावे के इतर
‘ग्लोबल टाइम्स’ की ताजा रिपोर्ट ने चीन की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है. अखबार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चीनी सेना तिब्बत में भारत से लगी सीमा पर गधों और खच्चरों के जरिए फॉरवर्ड लोकेशन पर सैन्य साजो-सामान और रसद की आपूर्ति कर रही है. जबकि इससे पहले खुद ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया था कि पूरी लद्दाख सीमा पर चीनी सेना को आधुनिक ड्रोन के जरिए सामान भिजवाया जा रहा है.
Besides advanced technologies like drones, Chinese troops, including #Tibetan militia transport units, use mules and horses as practical approach to deliver supplies to soldiers at high-altitude bases with harsh environments near border. https://t.co/u0eQE071ZK
— Global Times (@globaltimesnews) October 21, 2020
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खुली ड्रैगन की पोल
ग्लोबल टाइम्स ने रिपोर्ट में लिखा है, ‘चीनी सेना की तिब्बती मिलिशिया परिवहन इकाई सीमा पर अधिक ऊंचाईयों पर सामान भेजने के लिए खच्चर और घोड़ों का उपयोग कर रही है’. हालांकि, अखबार ने यह भी उल्लेख किया है कि आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन यह ‘उल्लेख’ चीन को फजीहत से बचाने के लिए काफी नहीं है. ग्लोबल टाइम्स ने अतिसक्रियता के चलते न केवल अपने दावे को गलत साबित किया, बल्कि वैश्विक स्तर पर ड्रैगन की पोल भी खोलकर रख दी.
With these drones, the PLA’s frontline soldiers can enjoy hot meals once winter reaches the plateau. Some sympathize with the nearby Indian soldiers who can only eat cold canned food and have to endure the severe cold and potential spread of COVID-19. pic.twitter.com/Rci5H8Wbmy
— Hu Xijin 胡锡进 (@HuXijin_GT) September 11, 2020
भारत पर कसा था तंज
इससे पहले चीनी सरकार के मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने दावा किया था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (PLA)के सुदूर क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए रसद सहायता प्रदान करने में ड्रोन जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग कर रहा है. इतना ही नहीं अखबार ने भारत पर तंज भी कसा था. उसकी तरफ से कहा गया था, ‘ड्रोन की मदद से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के जवान सर्दियों के मौसम में गर्म खाने का आनंद ले सकते हैं. हमें भारतीय सैनिकों के प्रति सहानुभूति है, जिन्हें केवल ठंडा डिब्बाबंद भोजन ही मिलता है’.
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