A group of attackers brutally beat up two Muslim people in Bulandshahr Uttar Pradesh – बुलंदशहर में हमलावरों के एक समूह ने की दो मुस्लिम युवकों की बेरहमी से पिटाई, कहा- क्या इसे भी दिल्ली समझते हो?

खास बातें

  1. बाजार से गाजर खरीदने जा रहे थे दोनों युवक
  2. हमलावरों में शामिल दो लोगों ने गाड़ी के सामने खड़ी कर दी बाईक
  3. कहा- क्या इसे भी दिल्ली समझते हो?

बुलंदशहर:

दिल्ली में दंगों की आग अभी ठंड़ी भी नहीं हुई थी कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में सोमवार को दो मुस्लिम लोगों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई. इस मारपीट में घायल एक व्यक्ति ने दावा करते हुए कहा कि उनके साथ हमलावरों ने धार्मिक दुर्व्यवहार किया और उन पर गोहत्या का आरोप लगाया. इसके साथ ही उन्होंने तेजाब से हमला करने की धमकी भी दी. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में छह-सात लोगों का एक समूह दो लोगों को बेरहमी से पीटता हुआ दिखाई दे रहा है. वे उन दोनों को बार-बार लात और घूंसों से मार रहे हैं. वहीं मार खाते हुए दोनों मुस्लिम शख्स रोते हुए रहम की भीख मांग रहे हैं. 

वीडियो में पीले रंग की पैंट और नारंगी जैकेट पहने हमलावरों में शामिल लाठी पकड़े हुए एक व्यक्ति सड़क के किनारे खड़ी कार के पिछले पहिये के पास एक आदमी पर हमला करता है. इसके साथ ही मार खाते मुस्लिम रहम की भीख मांगते हैं और हमलावरों को भाई के कहकर संबोधित करते हैं. इसके बाद दो व्यक्ति कार के पास से हट जाते हैं और उन्हें और ज्यादा मारपीट की धमकी देते हैं. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हमले का वीडियो किसने शूट किया है. लेकिन वीडियो में कुछ दूसरों लोगों को मोटरसाइकिल पर बैठे हुए देखा जा सकता है, जो लापरवाही से इस बर्बर कार्रवाई को देखते रहते हैं. 

टिप्पणियां

इस हमले में घायल एक व्यक्ति ने कहा, ‘हम बाजार से गाजर खरीदने जा रहे थे. अचानक उन्होंने (हमलावरों ने) हमारे सामने बाइक खड़ी की और हमें खींचकर ले गए. वहां लगभग छह या सात आदमी थे. उन्होंने हमसे पूछा, ‘आपको लगता है कि यह दिल्ली है?’ इसके साथ ही उसने कहा कि उसे और उसके दोस्त को एक ऐसी जगह ले जाया गया जहां दूसरे लोग जंजीरों और हथियारों के साथ इंतजार कर रहे थे. वहीं पीड़ित ने कहा, ‘दिल्ली हिंसा से हमारा कोई लेना-देना नहीं था.’

अब बुलंदशहर पुलिस घटना की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक इसे एक मामूली ‘विवाद’ के रूप में ही देख रही है. शायद इसीलिए पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी में हमले के कारणों का उल्लेख नहीं है. बता दें, नागरिकता कानून (CAA) को लेकर हुई हिंसा में पिछले सप्ताह उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों को अपने चपेट में ले लिया था. सशस्त्र उपद्रवियों ने चार दिन तक मचाए उपद्रव में स्कूलों, घरों और दुकानों को जलाया और संप्रदाय विशेष के खिलाफ जमकर हिंसा की गई. इस हिंसा में 50 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए.  खा लिया, जिसमें लगभग 50 मृत और सैकड़ों घायल हो गए. 


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