नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की हालिया मुलाकात के बाद संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि इस विस्तार में उत्तर प्रदेश की भूमिका अहम हो सकती है।लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को उत्तर प्रदेश में बड़ा झटका लगा था।
2014 में 71 और 2019 में 62 सीटें जीतने वाली भाजपा 2024 में 33 सीटों पर सिमट गई। ऐसे में पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर नए राजनीतिक समीकरण साधने की तैयारी में है।सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल में उत्तर प्रदेश के कई नेताओं को शामिल किया जा सकता है। सबसे अधिक चर्चा सांसद अरुण गोविल के नाम की हो रही है। वहीं, केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी के उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद ‘एक नेता, एक पद’ के फार्मूले के तहत उन्हें संगठन की जिम्मेदारी संभालने के लिए लखनऊ भेजा जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो केंद्र में उत्तर प्रदेश से नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।


