युवाओं की सोच बदलने बागेश्वर धाम में 1 सितम्बर से लगेगा तीन दिवसीय विशेष शिविर

बागेश्वर महाराज ने कहा इंसान बढ़े मगर घट रही इंसानियतदुविधा में पड़े युवाओं को नई दिशा देने के लिए उठाया कदमछतरपुर। युवाओं में तेजी से बदलती सोच, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बीच बागेश्वर धाम में युवाओं को नई दिशा देने के उद्देश्य से विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर 1 से 3 सितंबर तक आयोजित होगा जिसमें युवाओं को जीवन, संस्कार, निर्णय क्षमता और सही दिशा को लेकर मार्गदर्शन दिया जाएगा।

बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यह एक अभिनव पहल की है। महाराज श्री ने कहा कि भारत को विश्व गुरु तभी बनाया जा सकता है जब यहां के युवा चेला नहीं गुरु बनने की क्षमता रखते होंगे। उन्होंने कहा कि वे युवाओं में इस क्षमता को बढ़ाने का प्रयास करेंगे। इसी उद्देश्य को लेकर आगामी 1 सितंबर से 3 सितंबर तक शिविर लगाया जाएगा। हर दो, तीन माह में इस तरह के शिविर आयोजित किए जाने की बात भी कही गई।

बागेश्वर धाम में गुरुवार को आयोजित दिव्य दरबार के बीच महाराज श्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी तकनीक और सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रभाव के कारण अपनी सोचने-समझने की शक्ति को कमजोर कर रही है। यदि समय रहते इस दिशा में ध्यान नहीं दिया गया तो एआई और सोशल मीडिया के दुष्परिणाम आने वाले समय में गंभीर हो सकते हैं।उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल सुविधाएं या क्षणिक मनोरंजन देने के बजाय उन्हें ऐसा वातावरण देना जरूरी है जहां वे स्वयं सही और गलत के बीच निर्णय लेने की क्षमता विकसित कर सकें।

महाराज श्री ने कहा कि हम युवाओं को चेला नहीं, गुरु बनाना चाह रहे हैं। उनका आशय युवाओं को केवल किसी के बताए रास्ते पर चलने के बजाय उन्हें अपने जीवन का मार्गदर्शक और निर्णयकर्ता बनाने से है। उन्होंने कहा कि युवा स्वयं अपनी जिंदगी के गुरु बनें और अपने भविष्य की दिशा तय करने की क्षमता विकसित करें।

उन्होंने मौजूदा सामाजिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि इंसानों की संख्या तो लगातार बढ़ रही है लेकिन इंसानियत कम होती जा रही है। ऐसे में युवाओं में मानवीय संवेदनाओं, संस्कारों और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना समय की जरूरत है। बागेश्वर धाम में होने वाला आगामी शिविर इसी उद्देश्य की दिशा में एक प्रयास है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here