छतरपुर। जिला मुख्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब गढ़ा निवासी एक युवक ने प्रशासन से परेशान होकर खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और मीडियाकर्मियों ने तत्काल युवक को संभाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
पीड़ित की पहचान संजय गुप्ता निवासी गढ़ा के रूप में हुई है। संजय गुप्ता ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि वे लंबे समय से अपनी समस्या लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि कमिश्नर के निर्देश पर जब वे सीईओ के पास पहुंचे, तो मदद करने के बजाय उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई।
संजय गुप्ता ने बताया कि गढ़ा में उनकी टीवी की दुकान थी, जो उनसे छीन ली गई है। उन्होंने कहा कि वे टीबी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और शारीरिक रूप से बेहद कमजोर हो चुके हैं। दुकान बंद होने के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी मेहनत मजदूरी कर किसी तरह घर चला रही है।
पीड़ित ने भावुक होकर कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे। उनका आरोप है कि प्रशासनिक प्रताड़ना और आर्थिक तंगी से परेशान होकर ही उन्होंने यह कदम उठाया।घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित को समझाइश देकर शांत कराया और मामले की जांच का आश्वासन दिया है।