कटनी में चार साल पहले हुई मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस में 17 किलो सोने की डकैती के आरोपियों को पुलिस ने बिहार की संभालपुर जेल से लाए गए तीन आरोपी एंकर कटनी में चार साल पहले दिनदहाड़े हुई मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस डकैती की वारदात एक बार फिर चर्चा में है। 26 नवंबर 2022 को हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने बरगवां इलाके में स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन फाइनेंस के दफ्तर में घुसकर कर्मचारियों को बंधक बनाया और करोड़ों रुपये कीमत का करीब 15 से 17 किलो सोना और साढ़े तीन लाख रुपये से ज्यादा की नकदी लूटकर फरार हो गए थे।
वारदात के बाद कटनी पुलिस ने आरोपियों की तलाश में कई टीमें लगाईं। जांच आगे बढ़ी तो इस डकैती के तार बिहार से जुड़े और पुलिस को पता चला कि वारदात की साजिश बिहार की बेउर जेल से रचे जाने की बात सामने आई थी।कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी लेकिन जांच ठंडे बस्ते में चली गई थी इस मामले में पुलिस की घोर लापरवाही भी देखी जा रही थीवी ओ 1 जिस पर जबलपुर हाई कोर्ट ने कटनी पुलिस अधीक्षक को इस मामले जमकर फटकार लगाई..
कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने तुरंत ही टीम। गठित कर आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम को बिहार की संभलपुर जेल भेजी जहां से पुलिस तीन आरोपियों को प्रोटेक्शन वारंट में 30 दिन के लिए कटनी लाई है वीओ 2 डीएसपी शिवा पाठक ने बताया कि तीनों आरोपी बिहार के संभलपुर सर्किल जेल में बंद थे। इस मामले में आरोपियों का प्रोटेक्शन वारंट 30 दिनों तक के लिए लिया गया है। वहीं, पुलिस को इन तीनों आरोपियों की 3 सितंबर तक की रिमांड मिली है।
पुलिस आरोपियों को कटनी जिला जेल भेजकर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। गोल्ड डकैती मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को अपनी जांच के दायरे में लिया है। आरोपियों की पहचान अखिलेश उर्फ विकास, अर्जुन उर्फ पीयूष जायसवाल और आकाश साहू के रूप में हुई है।पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में इन आरोपियों की क्या भूमिका थी और घटना में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।


