Armenias PMs wife Anna Hakobyan starts combat training amidst conflict With Azerbaijan | अजरबैजान से मुकाबले के लिए अर्मेनियाई प्रधानमंत्री की पत्नी ने उठाई बंदूक

येरेवान: अर्मेनिया (Armenia) और अजरबैजान (Azerbaijan) के बीच हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं. खबर है कि रूस ने अर्मेनिया की मदद के लिए अपनी सेना उतार दी है. जिसका सीधा सा अर्थ है कि आने वाले दिनों में यह युद्ध और भी ज्यादा भयानक हो सकता है. इस बीच, अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान (Nikol Pashinyan) की पत्नी अन्ना हकोबयान (Anna Hakobyan) ने भी खुद को युद्ध के लिए तैयार करना शुरू कर दिया है. 

ले रही हैं ट्रेनिंग
अन्ना महिला दस्ते के साथ कठिन सैन्य अभ्यास में जुटी हैं. उन्होंने 27 अक्‍टूबर से ही सैन्‍य प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था. पीएम की पत्नी के साथ इस दस्ते में कुल 13 महिलाएं हैं, जो विवादित नागोर्नो-काराबाख (Nagorno-Karabakh) क्षेत्र में अजरबैजान का मुकाबला करने के लिए खुद को तैयार कर रही हैं. इस दस्ते को राइफल सहित अत्याधुनिक हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. 

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सेना में उत्साह
अर्मेनिया और अजरबैजान दोनों पीछे हटने से इनकार कर चुके हैं, ऐसे में युद्ध में प्रधानमंत्री की पत्नी के कूदने से अर्मेनियाई सैनिकों में उत्साह है. 42 वर्षीय अन्ना आम सैनिकों की तरह सैन्य छावनी में रह रही हैं. हाल ही में उन्होंने अजरबैजान को चेतावनी देते हुए कहा था कि उनका देश किसी भी कीमत पर दुश्मन के सामने नहीं झुकेगा. वहीं, अन्ना का 20 वर्षीय बेटा भी लड़ाई में वॉलंटियर बनने की तैयारी कर रहा है.

27 सितंबर से चल रही लड़ाई
दोनों देशों के बीच नागोर्नो-काराबाख (Nagorno-Karabakh) क्षेत्र पर कब्जे को लेकर 27 सितंबर से युद्ध चल रहा है. अब तक इस जंग में पांच हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. हालांकि, यह वो आंकड़ा है जो रूस ने जारी किया है, असल संख्या के इससे कहीं ज्यादा होने की आशंका है.

तीनों युद्ध विराम विफल
10 अक्टूबर से लेकर अब तक तीन बार युद्ध विराम की घोषणा हो चुकी है, लेकिन तीनों ही बार सहमति के चंद घंटों बाद अर्मेनिया और अजरबैजान ने एक-दूसरे पर हमले शुरू कर दिए. हाल ही में वॉशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने अर्मेनिया और अजरबैजान के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात की थी. इसके बाद मानवीय आधार पर संघर्ष विराम की घोषणा की गई, मगर कुछ ही देर में दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई.

…तो विश्व युद्ध तय
अजरबैजान की तरफ से हो रही गोलीबारी और तुर्की के उसके समर्थन में सेना भेजने के ऐलान के बाद रूस भी हरकत में आ गया है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूसी सीमा रक्षकों को नागोर्नो-काराबाख में अर्मेनिया की सीमा पर तैनात किया है. माना जा रहा है कि यदि तुर्की ने अजरबैजान के पक्ष में कोई और कदम उठाया तो उसे रूस की सेना का सामना करना पड़ेगा. रूस पहले ही चेतावनी दे चुका है. अगर ऐसा होता है, तो फिर दो देशों के इस युद्ध को विश्व युद्ध बनने से रोकना मुश्किल होगा. 

 




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