कैनबरा: ऑस्ट्रेलिया की सरकार और संस्थाओं पर अब तक का सबसे बड़ा साइबर हमला हुआ है. साइबर हैकर्स गैंग ने सरकार के हर स्तर पर हमला किया है. यहां तक कि जरूरी सेवाप्रदाताओं और व्यापार पर भी हमला किया. ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की सरकार और संस्थाओं को हैकर्स ने निशाना बनाया है. हालांकि, प्रधानमंत्री ने इस बात से इनकार किया है कि यह हमला उनके देश के भीतर किसी ने किया है. प्रधानमंत्री ने साफ किया है कि किसी बड़े पर्सनल डेटा में सेंधमारी नहीं हुई है.
मॉरिसन ने कहा, “हम जानते हैं कि यह जटिल है. जिस तरह से यह साइबर हमला किया गया है, उसकी प्रकृति और निशाना बनाए गए संस्थानों और बड़े पैमाने पर इसके असर से यह बात साफ है. ऑस्ट्रेलियाई सरकार इन साइबर हमलों के खतरे के प्रति सजग और सतर्क है.”
पीएम मॉरिसन ने कहा कि यह नया जोखिम नहीं हैं, लेकिन विशिष्ट है, इसकी गतिविधियां लक्षित हैं. इसलिए ऑस्ट्रेलियाई संगठनों को जरूरी सलाह दी गई है ताकि वह अपनी सुरक्षा के लिए उचित कदम उठा सकें.
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गतिविधि पिछले कुछ महीनों से चल रही है. हालांकि जब प्रधानमंत्री से पूछा गया कि कौन सा देश इस हमले के पीछे है तो उन्होंने नाम बताने से इनकार कर दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि वह लोगों के बीच नाम सार्वजनिक नहीं करेंगे.
ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा एजेंसियां सहयोगी और साझेदारों के साथ मिलकर इसकी जांच कर रही हैं. पीएम मॉरिसन ने कहा कि मैंने (ब्रिटिश प्रधानमंत्री) बोरिस जॉनसन से बीती रात इसके संबंध में और कई अन्य मामलों में बात की थी, और लगातार संबंधित अधिकारियों से जानकारी भी ली है.

