Bihar Assembly Election 2020, tussle between BJP and JDU over 50 seats, Nitish Kumar, Chirag Paswan – बिहार चुनाव : BJP-JDU में आसान नहीं सीटों का बंटवारा, 30 से ज़्यादा सीटों पर भारी तीर, 50 सीटों पर तकरार

पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने गठबंधन की खातिर अपनी पांच सीटिंग सीटें जेडीयू के लिए छोड़कर बड़ा दिल दिखाया था. अब बीजेपी जेडीयू से इसी तरह की उम्मीद विधान सभा चुनावों में कर रही है. आंकड़ों पर गौर करें तो 2015 के विधान सभा चुनाव में 29 सीटों पर जेडीयू ने बीजेपी को हराकर जीत दर्ज की थी. इन सीटों पर बीजेपी नंबर दो पर रही थी, जबकि दो दर्जन (24) सीटों पर बीजेपी की जीत हुई थी और जेडीयू नंबर दो पर रही थी. इन सभी सीटिंग सीटों के बंटवारे पर दोनों दलों में अंदरूनी मतभेद हैं. सीटिंग सीट गठबंधन दलों के बीच सीट बंटवारे का एक पुराना सियासी फार्मूला रहा है, सीटिंग सीट अमूमन पार्टियां नहीं छोड़तीं. उन्हें भरोसा होता है कि उनकी दोबारा जीत हो सकती है. 

इन सीटों पर ‘तीर’ रहा ‘कमल’ पर हावी

2015 में जिन दो दर्जन से ज्यादा  (29) सीटों पर जेडीयू की जीत हुई थी और बीजेपी नंबर दो पर रही थी, उनमें कोशी-सीमांचल की अधिकांश सीटें हैं. खास बात ये है कि इन इलाकों में मुस्लिम आबादी का संकेंद्रण अधिक है. इन सीटों में सुपौल, रानीगंज, रुपौली, बेनीपुर, बिहारीगंज, कुचायकोट शामिल हैं. इनके अलावा सिकटा, फुलपरास, लौकहा, निर्मली, जीरादेई, दरौंदा, महाराजगंज, एकमा, महनार, मोरवा, सरायरंजन,मटिहानी, परबत्ता, गोपालपुर, अमरपुर, बेलहर, बिहारशरीफ, राजगीर, इस्लामपुर, अगियांव, राजपुर, दिनारा और नवीनगर विधान सभा सीट भी शामिल हैं.

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इन सीटों पर बीजेपी ने जेडीयू को हराया

इसी तरह बीजेपी ने जिन सीटों पर जीत दर्ज की थी और जेडीयू नंबर दो पर रही थी, उनमें चंपारण इलाके की बगहा, नौतन, चनपटिया, कल्याणपुर, पिपरा, मधुबन सीट शामिल है. इनके अलावा सिकटी,  कटिहार, जाले, कुढ़नी, मुजफ्फरपुर, बैकुंठपुर, सीवान, अमनौर, लखीसराय, बाढ़, दीघा, भभुआ, गोह, गुरुआ, हिसुआ, वारिसलीगंज और झाझा सीट शामिल हैं.

नीतीश की चाहत क्या?

वैसे दोनों दलों के बीच अभी तक सीट बंटवारे पर कोई फार्मुला नहीं बन सका है. जेडीयू चाहता है कि वो 115 सीटों पर लड़े और बीजेपी 128 सीटों पर लड़े लेकिन शर्त यह है कि चिराग पासवान को बीजेपी अपने कोटे के अंदर से सीट दे. बदले में जेडीयू जीतनराम मांझी को अपने कोटे से सीट देगी. हालांकि, बीजेपी पहले ही एलान कर चुकी है कि जेडीयू ही बड़े भाई की भूमिका में रहेगा और एक सीट ज्यादा पर चुनाव लड़ेगा लेकिन इस पर सहमति बनती नहीं दिख रही.

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फिलहाल, 243 सदस्यों वाली मौजूदा विधान सभा में जेडीयू के 71 और बीजेपी के 53 विधायक हैं. 2015 में जेडीयू ने राजद  और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. उससे पहले 2010 में जब बीजेपी और जेडीयू मे मिलकर चुनाव लड़ा था, तब नीतीश की पार्टी 141 और बीजेपी 102 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. इनके अलावा दोनों दलों की नजरें इस पर भी टिकी हैं कि विपक्षी गठबंधन सीटों का बंटवारा कैसे करता है. तभी उसके सामाजिक-सियासी समीकरण की काट के लिए बीजेपी-जेडीयू दोनों पार्टियां सीटों का तालमेल अपने-अपने वोट बैंक के हिसाब से करेंगी..

वीडियो: बिहार विधानसभा चुनाव में NDA का सीट फॉर्मूला


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