
बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. (फाइल फोटो)
खास बातें
- संपर्क पुल टूटने पर हो रही राजनीति
- विपक्षी दलों ने की कार्रवाई की मांग
- 264 करोड़ की लागत से बना है पुल
पटना:
बिहार (Bihar) में गोपालगंज और चंपारण को जोड़ने वाली सतर घाट पुल के संपर्क पथ पर बने जब से एक छोटा पुल पानी के अत्यधिक बहाव के चलते कटा है, तब से बिहार की राजनीति गरमा गई है. जहां एक ओर विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस (Congress) और अब तो सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने भी इसे भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए दोषी लोगों पर कार्रवाई की मांग की है. वहीं सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भाजपा (BJP) यह कहकर अपना बचाव कर रही हैं कि मुख्य सतर घाट पुल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.
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इस बीच विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने शुक्रवार को एक स्थानीय व्यक्ति का वीडियो जारी किया है, जो घटना के कुछ दिन पूर्व दिखा रहा है कि सही निर्माण ना होने के कारण वहां संपर्क पथ पर बना पुल कैसे खतरे में है.
264 करोड़ की लागत से बने पुल के ढ़हने से पहले ग्रामीणों ने आगाह किया था लेकिन भ्रष्टाचारी नीतीश सरकार की कहाँ आँख खुलने वाली थी? पुल ढहेगा तभी ना भ्रष्टाचार करेंगे? वीडियो देखिए। अब निर्लज्ज भ्रष्ट सरकार ग्रामीणों पर ही केस दर्ज कर रही है कि वो मीडिया को सच क्यों बता रहे है? pic.twitter.com/4TTHMbDtdy
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 17, 2020
तेजस्वी यादव ने वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘264 करोड़ की लागत से बने पुल के ढहने से पहले ग्रामीणों ने आगाह किया था लेकिन भ्रष्टाचारी नीतीश सरकार की कहाँ आँख खुलने वाली थी? पुल ढहेगा तभी ना भ्रष्टाचार करेंगे? वीडियो देखिए. अब निर्लज्ज भ्रष्ट सरकार ग्रामीणों पर ही केस दर्ज कर रही है कि वो मीडिया को सच क्यों बता रहे है?’
निश्चित रूप से यह वीडियो स्थानीय चैनल पर वायरल है लेकिन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चूक हुई है. अगर अधिकारी, ठेकेदार समय पर सचेत रहते तो शायद यह नौबत नहीं आती. हालांकि स्थानीय भाजपा विधायक द्वारा पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव को समय पर सूचित किया गया था लेकिन जब तक अधिकारी पहुंचे, तब तक देर हो चुकी थी.
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