बूथ—बूथ पहुंच रही भाजपा, शुरू हुआ #बूथ_विस्तारक_अभियान_2

भोपाल। मध्य प्रदेश ​में भाजपा और कांग्रेस चुनावी अभियान शुरू कर चुकी हैं। भाजपा का टारगेट वे सीटें हैं, जहां पार्टी को साल 2018 के विधानसभा चुनावों में पराजय का सामना करना पड़ा था। हारी हुई सीटों को ‘आकांक्षी विधानसभा’ नाम दिया गया है। इसके तहत मंगलवार को भोपाल से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने बूथ विस्तारक अभियान शुरू किया। वीडी शर्मा मध्य विधानसभा के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा के साथ बुलेट पर सवार होकर बूथ पर गए। इस दौरान वे भोपाल के बूथ क्रमांक-242 पर पहुंचे और बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इतना ही नहीं, वहां मौजूद कार्यकर्ताओं का डिजिटल पंजीयन भी किया गया। भाजपा का लक्ष्य है कि ‘चलो बूथ की ओर’ ध्येय को आत्मसात करते पार्टी के 12 हज़ार विस्तारक मिलकर हर बूथ को डिजिटल व सशक्त बनाएंगे।

कांग्रेस को परास्त करना लक्ष्य
भाजपा का लक्ष्य है कि वे विधानसभा सीटें जो लंबे समय से कांग्रेस का गढ़ बनी हुई हैं, वहां बूथ विस्तारक अभियान चलाकर बूथों को टारगेट किया जाये ताकि पार्टी यहां मजबूत बनकर उभर सकें। इस अभियान में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री, प्रदेश अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारी शामिल होंगे।

24 मार्च तक चलेगा अभियान
मीडिया से चर्चा करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 14 से 24 मार्च तक पूरी भाजपा मध्य प्रदेश के बूथों पर होगी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री शाह का संकल्प है प्रत्येक बूथ पर 51% वोट शेयर लेकर आना। इसलिए हम प्रदेश स्तर पर अभियान छेड़ चुके हैं। इन 10 दिन में भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करेगी।

बूथ की टीम में 33% महिलाएं
पार्टी ने अब संगठन भी महिला वोटरों को जोड़ने की योजना बनाई है। इसके तहत प्रत्येक बूथ की टीम में 33% महिलाएं रखी जाएंगी।

कौन कहां गया
बूथ विस्तारक अभियान-2 के तहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल उत्तर विधानसभा क्षेत्र पहुंचे। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भोपाल मध्य और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को जुन्नारदेव की जिम्मेदारी मिली है। राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय बड़वाह गए।

क्या है ‘मिशन 103’?
राज्य में साल 2018 में विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसमें 103 सीटों को भाजपा ने बहुत कम अंतर से गंवाया था। इन सीटों में से अधिकांश सीटें आरक्षित वर्ग से आती हैं। यानि की यह अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए रिजर्व रखी गई हैं।अब साल 2023 में होने वाले चुनाव में पार्टी इन सीटों को कांग्रेस से छीनना चाहती है। भाजपा ने इस सीटों को ‘आकांक्षी विधानसभा’ नाम दिया है।

यह हैं 103 आकांक्षी विधानसभाएं

भोपाल उत्तर, भोपाल दक्षिण-पश्चिम, भोपाल मध्य, ब्यावरा, राजगढ़, खिलचीपुर, सुसनेर, आगर, शाजापुर, कालापीपल, सोनकच्छ, बुरहानपुर, भीकनगांव, बड़वाह, महेश्वर, कसरावद, खरगोन, भगवानपुरा, सेंधवा, राजपुर, पानसेमल, अलीराजपुर, झाबुआ, थांदला, पेटलावद, सरदारपुर, गंधवानी, कुक्षी, मनावर, धर्मपुरी, देपालपुर, इंदौर -1, राऊ, नागदा, तराना, घटि्टया, बड़नगर, सैलाना, आलोट, भिंड, लहार, गोहद, ग्वालियर पूर्व, श्योपुर, सबलगढ़, सुमावली, मुरैना, छतरपुर, बिजावर, पथरिया, दमोह, गुनौर, चित्रकूट, रैगांव, सतना, सिंहावल, कोतमा, पुष्पराजगढ़, बड़वारा, बरगी, जबलपुर पूर्व, जबलपुर उत्तर, जबलपुर पश्चिम, शहपुरा, डिंडोरी, बिछिया, निवास, बैहर, लांजी, वारासिवनी, कटंगी, बरघाट, लखनादौन, गोटेगांव, तेंदूखेड़ा, गाडरवारा, जुन्नारदेव, अमरवाड़ा, चौरई, सौसर, छिंदवाड़ा, परासिया, पांढुर्णा, मुलताई, बैतूल, दिमनी, ग्वालियर दक्षिण, भितरवार, डबरा, सेंवड़ा, करेरा, महाराजपुर, राजनगर, घोड़ाडोंगरी, भैंसदेही, उदयपुरा, विदिशा, पिछोर, चाचौड़ा, राघोगढ़, चंदेरी, देवरी और बंडा।

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