‘CAA के खिलाफ राज्यों का विरोध असंवैधानिक, षड्यंत्र में ना फंसे शाहीन बाग’ – Congress carrying false propaganda against caa rss leader indresh kumar

  • राज्यों का CAA का विरोध निंदनीय
  • संसद ही बना सकती है कानून

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस पर संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ दुष्प्रचार करने का शनिवार को आरोप लगाया. चंडीगढ़ में एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए RSS नेता ने कहा कि जो इस कानून का विरोध कर रहे हैं, वे ‘निहित स्वार्थ’ से प्रेरित हैं.

पंजाब सरकार या अन्य राज्यों की सरकारों द्वारा CAA का विरोध निंदनीय है. इन सरकारों ने CAA के विरुद्ध जो प्रस्ताव पारित किया है वो संविधान की हत्या है. क्योंकि इस तरह का कानून सिर्फ केंद्र सरकार और संसद ही बना सकती है.

कुमार ने कहा, ‘कांग्रेस CAA के खिलाफ दुष्प्रचार कर रही है. CAA को लेकर शोर मचा रहे विपक्षी दलों को महसूस करना चाहिए कि मुस्लिम देशों में रह रहे हिंदू, सिख, पारसी, बौद्ध और अन्य धर्मों के लोग कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘इस संशोधन से उनके लिए भारत आना और नागरिकता हासिल करना आसान हो जाएगा.’

शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रही महिलाओं को लेकर उन्होंने कहा, ‘सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि अगर दूसरे देशों से आ रहे पीड़ित मुस्लिम या अन्य समुदाय के लोग भी नागरिकता मांगेंगे तो उन्हें दे दी जाएगी. फिर इस तरह का विरोध क्यों? यह असंवैधानिक है. फिर भी मैं शाहीन बाग में बैठी अपनी बहन और बेटियों से प्रार्थना करता हूं कि वो राजनीतिक षड्यंत्र में फंसकर, राजनीतिज्ञों के हाथों में ना खेलें. इस देश के मुसलमान हिंदुस्तानी थे और हमेशा रहेंगे. इसलिए वो भड़काने वाली पार्टियों और नेताओं से सावधान रहें.’

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार देशहित में काम कर रही है. सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की समस्या से छुटकारा दिलवाया है, अब पीओके की समस्या का भी समाधान निकाला जा रहा है.

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वहीं पुलवामा में पिछले साल 14 फरवरी को CRPF (केंद्रीय रिजर्व बल) काफिले पर हुए हमले को लेकर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाए गये सवालों पर वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘शहीदों और बलिदानों को अपमानित करने वाला कांग्रेस का क्रूर चेहरा सबके सामने आ गया है. पूरे देश को पता चल गया है कि इनमें देश प्रेम नहीं है. ये बलिदान देने वालों और शहीदों का सम्मान नहीं करते. ये नहीं चाहते हैं कि इस देश की स्वतंत्रता बनी रहे और ये कूटनीतिक चाल खेल रहे हैं. शहीदों और बलिदानों का अपमान करना घोर निंदनीय है.’

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