Change of law should be made more stringent: Digvijay Singh

दल बदल कानून को और सख्त बनाया जाना चाहिए: दिग्विजय सिंह

वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • देश में विधायकों के दल बदलने से सरकारें गिरने पर जाहिर की चिंता
  • दल बदल कानून में बदलाव कर उसे और सख्त बनाया जाना चाहिए
  • वर्ष 1985 में देश में सख्त दल बदल कानून लागू किया था

भोपाल:

देश में विधायकों के दल बदलने से सरकारें गिरने पर चिंता जाहिर करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि देश में दल बदल कानून में बदलाव कर उसे और सख्त बनाया जाना चाहिए. दिग्विजय ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं को बताया, ‘(पूर्व प्रधानमंत्री) राजीव गांधी ने वर्ष 1985 में देश में सख्त दल बदल कानून लागू किया था. इस दल बदल कानून में बदलाव होना चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘इस कानून में बंदिश होनी चाहिए कि दल बदलने वाला :विधायक या सांसद: छह साल तक कोई चुनाव न लड़ सके और न ही कोई पद ले सके.’

यह भी पढ़ें

दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज मतदाताओं द्वारा देश में आए जनमत के साथ खरीद-फरोख्त हो रहा है. इसलिए इस दल बदल कानून को और सख्त बनाया जाना चाहिए. उनसे सवाल किया गया था कि गुजरात में 19 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस विधायक पार्टी छोड़कर भाजपा में जा रहे हैं. क्या मध्यप्रदेश में कांग्रेस के और विधायक भी भाजपा में जा सकते हैं? उन्होंने कहा, ‘भाजपा ने बहुत सारा पैसा कमाया है और वह विधायकों की खरीद-फरोख्त की राजनीति कर रही है.’

दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘मध्यप्रदेश में अब कोई कांग्रेस विधायक भाजपा में नहीं जाएगा. जिनको जाना था, वे 22 बागी विधायक पहले ही मार्च में चले गए हैं. जिन्होंने कांग्रेस में रहने का निर्णय लिया है, उन्होंने कठिन परीक्षा पास कर ली है. इसलिए अब ऐसी स्थिति मध्यप्रदेश में नहीं होगी.’

मालूम हो कि कांग्रेस के 22 विधायकों के त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के कारण प्रदेश की कमलनाथ के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी, जिसके कारण कमलनाथ ने तब 20 मार्च को मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद इस साल 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार बनी है.

VIDEO: गुजरात में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here