नई दिल्ली: ब्रिटिश सरकार (British government) के वैज्ञानिक सलाहकारों में से एक ने रविवार को कहा है कि देशव्यापी लॉकडाउन में देरी ने देश में कई लोगों की जान ले ली. कई चिकित्सा पेशेवरों, वैज्ञानिकों और सांसदों ने कोरोना वायरस को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया के लिए सरकार की आलोचना की है. उनके अनुसार, सरकार ने महत्वपूर्ण प्रतिबंध लगाने में देरी की जिसके कारण देश में इस घातक वायरस का इतना प्रकोप हुआ.
रायटर्स टैली के अनुसार, यह देश 50 हजार से अधिक मौतों के साथ कोरोना वायरस महामारी के मामले में सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक है.
सरकार की साइंटिफिक एडवाइजरी ग्रुप फॉर इमरजेंसीज (SAGE)के एक सदस्य जॉन एडमंड ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा, “हमें पहले ही लॉकडाउन में चले जाना चाहिए था.”
उन्होंने कहा, “हम मार्च के शुरुआती भाग में जिस डेटा के साथ काम कर रहे थे और हमारी स्थितिजन्य जागरूकता वास्तव में बहुत खराब थी, ऐसे में उस बिंदु पर ट्रिगर को खींचना बहुत कठिन होता, लेकिन काश हम ऐसा कर पाते … मुझे लगता है कि इसने कई लोगों का जीवन ले लिया. “
ब्रिटिश स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने बीबीसी पर एडमंड के बयानों से असहमति जताई, उन्होंने कहा, “नहीं. मुझे लगता है कि हमने सही समय पर सही फैसले लिए और वैज्ञानिक राय को लेकर व्यापक श्रेणी है और हम विज्ञान द्वारा निर्देशित थे.”
एडमंड के अनुसार अब भी कोरोना वायरस महामारी को लेकर “सब खत्म नहीं हुआ है, हमें भी एक लंबा रास्ता तय करना है.


