Chhattisgarh News In Hindi : A single girl faced 3 hawans, fought like a man, stoned and broke a kidnapper’s teeth; Saved herself and saved the dignity of women’s society | एक अकेली बच्ची ने 3 हैवानों का सामना किया, मर्दानी की तरह लड़ी, पत्थर मार एक अपहर्ता का दांत तोड़ा; खुद बची और महिला समाज की गरिमा भी बचाई

  • परीक्षा देने स्कूल जा रही 12वीं की छात्रा का तीन नकाबपोश युवकों ने अपहरण किया
  • छात्रा ने विरोध किया, तो अपहरणकर्ताओं ने पारसाल नाला के पास कार रोकी; छात्रा ने कार से कूदकर अपनी जान बचाई

Dainik Bhaskar

Feb 11, 2020, 07:57 AM IST

बालोद . बालोद-राजनांदगांव मार्ग पर तरौद के पास सोमवार को परीक्षा देने स्कूल जा रही 12वीं की छात्रा का तीन नकाबपोश युवकों ने अपहरण कर लिया। उन्होंने कार में छात्रा के साथ छेड़खानी भी की। रास्ते में ही छात्रा ने विरोध करना शुरू कर दिया था। आरोपियों ने पाररास नाला के पास कार रोकी तो छात्रा उतरकर स्कूटी की तरफ भागी और हिम्मत दिखाते हुए एक आरोपी का पत्थर मारकर दांत तोड़ दिया।

इसके बाद सभी आरोपी वहां से भाग गए। पुलिस तीन आरोपियों के खिलाफ अपहरण, छेड़खानी व पॉक्सो एक्ट का केस दर्ज कर जांच में जुटी हुई है। छात्रा दुधली हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ती है। इसलिए स्कूल के कुछ संदिग्ध छात्रों से भी पूछताछ की जा रही है। सभी आरोपी नकाब में थे। इसलिए पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया। छात्रा का कहना है कि तीन में से दो आरोपियों ने उनके साथ शुक्रवार को भी रास्ता रोककर छेड़खानी की थी। 

बदमाश मुझे जब कार में ले जा रहे थे, तब मेरे ही गांव के 4 लोग वहां से गुजरे पर मदद नहीं की… हिम्मत न दिखाती तो कुछ भी हो जाता
यह मेरे हौसले और आत्मविश्वास की जीत है। पिछले शुक्रवार को जब आरोपियों में से दो युवकों ने रास्ता रोककर छेड़खानी की थी, तो उस दिन घबराई नहीं बल्कि उनका डटकर सामना किया। उसी दिन से मैंने ठान लिया था कि ऐसे छेड़खानी करने वालों को सबक सिखा कर ही रहूंगी। सोमवार को भी जब वे मुझे कार में बैठा कर ले जाने लगे, तो मैंने विरोध करना शुरू कर दिया। अफसोस भी हुआ जब बदमाश मुझे कार में बैठा रहे थे और मेरे ही गांव के चार ग्रामीण गुजर रहे थे, लेकिन मेरी मदद नहीं की। तब अपने हौसले से ही काम लिया और खुद को छुड़ाने आरोपियों से भिड़ गई। हमारी कमजोरी ही सामने वाले की ताकत बन जाती है। इसलिए अपनी कमजोरी को बयां ना कर अपनी हिम्मत को सामने रखना चाहिए। हौसला और आत्म विश्वास मजबूत हो तो किसी भी हालात से निपटा जा सकता है। अगर मैं हिम्मत नहीं दिखाती तो आज मेरे साथ कुछ भी हो सकता था। कल को ऐसा किसी भी बेटी के साथ हो सकता है इसलिए खुद को भीतर से मजबूत रखिए। ताकि ऐसे मनचलों को भी समझ में आए कि हम क्या कर सकते हैं?-जैसा कि छात्रा ने भास्कर को बताया। 
 


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