इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया शस्त्र पूजन, कहा- शास्त्र और शस्त्र दोनों से ही चलता है राष्ट्र

इंदौर : विजयादशमी के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के डीआरपी लाइन में परंपरागत शस्त्र पूजन कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से शस्त्र पूजन के साथ-साथ कन्या पूजन और अश्व पूजन भी किया। कार्यक्रम में पुलिस के आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। डीआरपी लाइन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पुलिस के शस्त्रागार में रखे गए हथियारों का पूजन किया। इसके बाद उन्होंने 9 कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया और अश्व का पूजन कर परंपरा का निर्वहन किया। इस दौरान पूरे परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में शस्त्र पूजन का विशेष महत्व है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि शास्त्रों की रक्षा के लिए शस्त्रों का होना अत्यंत आवश्यक है। जब शास्त्र कमजोर पड़ते हैं तो समाज में अराजकता फैलती है और उस अराजकता को रोकने के लिए शस्त्र की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम ने भी रावण पर विजय प्राप्त करने से पहले शस्त्र पूजन किया था। इसी परंपरा का पालन करते हुए आज मध्यप्रदेश पुलिस अपने शस्त्रों की पूजा करती है, ताकि उनका उपयोग न्याय और धर्म की रक्षा के लिए हो। उन्होंने कहा कि शास्त्र हमें ज्ञान देता है, विवेक देता है और सही-गलत की पहचान कराता है, जबकि शस्त्र उस ज्ञान और धर्म की रक्षा करता है। इसलिए राष्ट्र के संचालन के लिए शास्त्र और शस्त्र दोनों ही अनिवार्य हैं। एक के बिना दूसरा अधूरा है।मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सरकार पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए लगातार काम कर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here