नई दिल्ली: सैटेलाइट इमेजरी से खुलासा हुआ है कि चीन, पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट में नेवल बेस को मजबूत करने में लगा है जिससे वो अपने नेवल एसेट को तैनात कर सके. सुरक्षा जानकारों के मुताबिक चीन, ग्वादर को आधुनिक बनाने में लगा हुआ है और ग्वादर और उसके आस-पास के इलाकों को बड़ी तेजी से विकसित करने में लगा हुआ है. चीन, ग्वादर पोर्ट के जरिये हिंद महासागर में अपनी घुसपैठ बढ़ाना चाहता है . जिससे चीन इसका इस्तेमाल Naval बेस के तौर पर कर सके और जरूरत पड़ने पर भारत की बढ़ती समुद्री ताकत पर अंकुश लगाने के लिए किया जा सके.
चीन, ग्वादर को चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीडोर यानी CPEC से जोड़ने में लगा हुआ है जिससे वो इसका इस्तेमाल चीनी सामानों की आवाजाही के लिए कर सके.
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पाकिस्तान में चीन की तरफ से किये जा रहे CPEC और ग्वादर के पास हो रहे निर्माण का काफी विरोध भी हो रहा है. जिसकी वजह से चीन ग्वादर पोर्ट के आस पास हाई सिक्योरिटी कंपाउंड बना रहा है जिससे किसी भी विरोध और हमले के दौरान अपने लोगों को बचाया जा सके. चीन के सैकड़ों इंजीनियर ग्वादर और कराची पोर्ट के आस पास निर्माण के काम मे लगे हुए हैं.
इन इलाकों में बलूची लोग पाकिस्तान से आज़ादी की लडाई लड़ रहे है और पाकिस्तान इन लोगो के आंदोलन को कुचलने में लगा हुआ है. साल 2018 में कराची में स्थित चीनी कॉन्सुलेट पर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की तरफ से किया गया हमला या फिर 2019 में ग्वादर के एक फाइव स्टार होटल पर हुआ हमला इस ओर इशारा करता है.
स्थानीय लोग चीनी कंपनियों का काफी विरोध कर रहे है. पाकिस्तान सरकार ने CPEC की सुरक्षा के लिए अपनी सेना तैनात की हुई है. चीन की China Communications Construction Company (CCCC Ltd) ग्वादर को विकसित करने में लगी है.
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