China’s Global Times boasts about PLA’s firepower amid standoff at India border | सीमा विवाद पर चीन की नई चाल, सरकार खामोश, मीडिया को किया आगे

नई दिल्ली/बीजिंग: लद्दाख को लेकर शुरू हुआ भारत-चीन सीमा विवाद 25 दिनों बाद भी सुलझ नहीं पाया है. इस बीच, समाचार एजेंसी PTI की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि दोनों देश भारी साजोसामान और हथियारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं. इसमें तोप और लड़ाकू वाहन शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर पीछे के ठिकानों पर ले जाया जा रहा है जो पूर्वी लद्दाख में विवादित क्षेत्रों के करीब हैं.

यह खबर ऐसे समय आई है जब दोनों पक्ष गतिरोध को सुलझाने के लिए सैन्य और कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं. वैसे, इस संकट पर अब तक भारत और चीन दोनों तरफ से आधिकारिक रूप से ज्यादा कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन चीनी मीडिया लगातार ऐसी खबरें प्रकाशित कर रहा है, जिसे उकसावे की रणनीति कहा जा सकता है.   

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चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र पीपुल्स डेली (People’s Daily) के टेबलायड न्यूज़पेपर ग्लोबल टाइम्स (Global Times) में प्रकाशित एक रिपोर्ट में गलवान घाटी (Galwan Valley ) को एक बार फिर से चीनी क्षेत्र बताया गया है. इतना ही नहीं, रिपोर्ट में यह भी दर्शाने का प्रयास किया गया है कि चीन के पास हथियारों की कोई कमी नहीं है और वह किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. प्रकाशित रिपोर्ट कहती है, ‘चीन के पास हाई- ऐल्टिटूड हथियारों का जखीरा है. डोकलाम गतिरोध के बाद उसने अपनी मारक क्षमता का विस्तार किया है. इसमें टैंक, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और हॉवित्जर के साथ-साथ बड़े पैमाने पर मारक हथियार शामिल हैं. कुछ हथियारों का पिछले साल 1 अक्टूबर को चीन के राष्ट्रीय दिवस सैन्य परेड में प्रदर्शन किया गया था’. 

दावा छोड़ने के मूड में नहीं
ग्लोबल टाइम्स ने चीन की हथियार क्षमता का जमकर बखान किया है, लेकिन रिपोर्ट में इसका उल्लेख नहीं है कि बीजिंग सीमा पर गोला-बारूद जमा कर रहा है. हालांकि, यह इशारा जरूर किया गया है कि ज़रूरत पड़ने पर अत्याधुनिक हथियारों को हर स्थिति से निपटने के लिए तुरंत तैनात किया जा सकता है. चीनी मीडिया की इस रणनीतिक साजिश से स्पष्ट होता है कि ड्रैगन अपने क्षेत्रीय दावों से पीछे नहीं हटने के मूड में बिल्कुल नहीं है.

नहीं बाज आ रहा चीन
कोरोना महामारी के बावजूद भी चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. केवल भारत ही नहीं बल्कि वह तमाम देशों के लिए खतरा बन गया है. हाल ही में उसने दक्षिण चीन सागर में एक वियतनामी नौका को मार गिराया था. इसके अलावा, मलेशियाई ऑफशोर ओली रिग और ताइवान के लिए भी वह परेशानी बना हुआ है. हांगकांग को पूरी तरह कब्जाने के इरादे से उसने नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को मंजूरी दे दी है. वहीं, चीन पाकिस्तान के साथ भी काम कर रहा है. उसने  पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में बांध निर्माण में पाक को मदद का भरोसा दिलाया है. 

इस बार हालात अलग
चीन से सीमा विवाद की खबरें पिछले कई दिनों से मीडिया की सुर्खियां बनी हुईं हैं, लेकिन भारत सरकार इस विषय में ज्यादा कुछ कहने से बचती आई है. पिछले हफ्ते रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने महज इतना कहा था कि भारत-चीन की सेनाएं पहले भी आमने-सामने आई हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है. चीनी सैनिक इस समय सामान्य रूप से थोड़ा आगे आ गए हैं.

 




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