चीन का जासूसी जहाज शी यान 6 हाल ही में बंगाल की खाड़ी में प्रवेश कर गया है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह जहाज इससे पहले माले में रुका था, जहां से आवश्यक आपूर्ति लेने के बाद यह अपने मिशन पर आगे बढ़ा।जानकारी के अनुसार, यह जहाज अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के काफी करीब संचालित हो रहा है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इसकी गतिविधियां भारत के महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं।ओपन सोर्स इंटेलिजेंस विश्लेषक डेमियन साइमन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ‘शी यान 6’ एक उन्नत भूभौतिकीय समुद्री अनुसंधान पोत है, जो समुद्री डेटा एकत्र करने में सक्षम है। उन्होंने जहाज के मार्ग को दर्शाने वाली तस्वीर भी साझा की, जिसमें इसे भारत की मुख्य भूमि और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के बीच से गुजरते हुए देखा जा सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इस क्षेत्र में अपनी रणनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। साथ ही यह भी चर्चा है कि चीन अंडमान-निकोबार क्षेत्र के पास एक नहर बनाने की योजना पर काम कर रहा है, जो दक्षिण चीन सागर को अंडमान सागर से जोड़ सकती है।


