उज्जैन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मौसेरी बहन ग्यारसी बाई यादव का आज निधन हो गया है उनके निधन के बावजूद भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जनसेवा और कार्य प्रतिबद्धता को सर्वोपरि रखा है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने शोक की घड़ी में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।
मुख्यमंत्री डॉ यादव आज मौसेरी बहन के पारिवारिक निधन के बावजूद जनसेवा और प्रशासनिक कार्यों को नहीं रोका और उज्जैन आते ही नागझिरी स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र का किया निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री डॉ यादव हेलीपैड से सीधे गेहूं उपार्जन केंद्र साइलो नागझिरी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। जहां उन्होंने किसानों से बातचीत की गेहूं खरीदी को लेकर आपने कलेक्टर से भी चर्चा की और किसानों को दिक्कत ना आए ऐसी व्यवस्था बनाने के दिशा निर्देश भी दिए।
जनसेवा और कार्य प्रतिबद्धता का दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने जनसेवा के प्रति अपनी दृढ़ता को प्रदर्शित किया है, जो जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कलेक्टर रोशन कुमार सिंह को आदेशित किया कि किसानों को गेहूं की धुलाई के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या ना आए। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान किसानों के लिए ठंडे पानी शामियाने की व्यवस्था की जाए साथ ही यह भी देखा जाए कि किसानों के बिल आसानी से बन सके। आपने यह भी आदेशित किया कि किसानों की उपज की ठीक से तुलाई होना चाहिये।
कहा था कही भी उत्तर सकता हु हेलीकाप्टर
मैं कहीं भी हेलीकॉप्टर उतार सकता हूं और गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर सकता हूं..।।कुछ दिनों पहले यह बात कहने वाले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 5 मई को उज्जैन की सेवा सहकारी संस्था दताना के नागझिरी स्थित अडानी एग्रो साइलो उपार्जन केंद्र पहुंचे। उन्होंने यहां केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सुविधा संबंधी जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
इसके अलावा उन्होंने वेयरहाउस की क्षमता बढ़ाने का भी फैसला किया। वेयरहाउस की क्षमता बढ़ने से गेहूं को बेमौसम बारिश से बचाया जा सकेगा। इससे पहले सीएम डॉ यादव शाजापुर और खरगोन में भी गेहूं उपार्जन का आकस्मिक दौरा कर चुके हैं।


