छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत विस्थापित ग्राम ककरा और पाठापुर में बुधवार को जिला प्रशासन ने संवेदनशील पहल करते हुए जन चौपाल का आयोजन किया। कलेक्टर पार्थ जैसवाल और एसपी अगम जैन स्वयं जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।इस दौरान कलेक्टर ने एक-एक ग्रामीण से जमीन, मकान और मुआवजा पैकेज की स्थिति की जानकारी ली। हितग्राहियों की सूची पढ़कर सुनाई गई और जिन लोगों के खातों में राशि नहीं पहुंची है, उन्हें बैंक खाता जांच कराने की सलाह दी गई।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2024 तक 18 वर्ष पूर्ण कर चुके पात्र युवाओं को पैकेज में शामिल किया जाएगा। जिनकी आधार में जन्मतिथि गलत है, उन्हें मार्कशीट के आधार पर पात्र मानते हुए लाभ देने के निर्देश भी दिए गए।महिलाओं के मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर ने कहा कि यदि पति द्वारा मुआवजा राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है, तो महिला की मांग पर राशि उसके खाते में स्थानांतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि पैकेज की राशि पर पूरे परिवार का अधिकार है। साथ ही पुराने पट्टेधारियों को भी नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में ग्रामीणों ने किशनगढ़ ग्रामीण बैंक के मैनेजर पर पैसे निकालने में बाधा डालने के आरोप लगाए, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी अपील की कि जिन लोगों को मुआवजा मिल चुका है, वे अन्य स्थानों पर अपना आवास बनाएं।जन चौपाल के दौरान ककरा निवासी 14 वर्षीय अनाथ बालक मनीष गौड़ के लिए कलेक्टर ने 5 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन स्वीकृत करने के निर्देश दिए।
वहीं वन क्षेत्र में महुआ बीनने को लेकर भी राहत दी गई और कहा गया कि पूर्व से यह कार्य कर रहे लोगों को नहीं रोका जाएगा, इसके लिए वन विभाग से अनुमति दिलाई जाएगी।कलेक्टर ने ग्रामीणों से केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत बांध निर्माण में सहयोग करने और बाधा न डालने की अपील की। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, एसडीएम विजय द्विवेदी, तहसीलदार अभिनव शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं सर्वे दल मौजूद रहे।