Coronavirus: Order issued for protection of health workers in Delhi from COVID-19 infection

प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली:

Delhi Coronavirus: कोरोना वायरस संक्रमण से स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने दिल्ली के सभी हेल्थकेयर फेसिलिटी के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस के आधार पर पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) किट के तर्कसंगत इस्तेमाल को लेकर आदेश जारी किया है. यह गाइडलाइन गैर-कोविड अस्पताल या ऐसे अस्पताल जिनमें कोविड ब्लॉक हैं, लेकिन गैर-कोविड एरिया में काम करने वाले हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए जारी की गई हैं.

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गाइडलाइंस में अस्पताल के अलग-अलग विभागों जैसे आउट पेशेंट डिपार्टमेंट, इन-पेशेंट डिपार्टमेंट, इमरजेंसी डिपार्टमेंट, अन्य सहायक विभाग और एम्बुलेंस सर्विस के अंर्तगत आने वाले वार्डों और सुविधाओं को लो रिस्क, माइल्ड रिस्क, मॉडरेट रिस्क और हाई रिस्क की श्रेणी में बांटा गया है. 

अस्पतालों के हेल्पडेस्क/ रजिस्ट्रेशन काउंटर, डॉक्टरों के कमरे, शव पैकिंग वार्ड, सैनिटेशन, अन्य सपोर्टिव सर्विस जैसे किचन, दवा बांटना, इंजीनियरिंग आदि को लो रिस्क और माइल्ड रिस्क वाले स्थान की श्रेणी में रखा गया है. इस श्रेणी में काम करने वाले हेल्थकेयर वर्करों को थ्री लेयर मास्क, लेटेक्स एग्जामिनेशन ग्लव्स पहनने होंगे और सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखनी होगी. 

आउट पेशेंट डिपार्टमेंट की श्रेणी में आने वाले डेंटिस्ट, ईएनटी डॉक्टर, आंख के डॉक्टर, और एनेस्थेटिस्ट को मध्यम यानि मॉडरेट रिस्क की श्रेणी में रखा गया है और इन्हें N95 मास्क, चश्मा, लेटेक्स ग्लव्स और फेस शील्ड पहनने का निर्देश दिया गया है. इन-पेशेंट डिपार्टमेंट में आने वाले लेबर रूम, ऑपेरशन थिएटर, क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट को भी मध्यम यानी मॉडरेट रिस्क की श्रेणी में रखा गया है और इन्हें N95 मास्क, चश्मा, लेटेक्स/ नाइट्राइल एग्जामिनेशन ग्लव्स और फेस शील्ड पहनने का निर्देश दिया गया है.

इमरजेंसी में आने वाले गम्भीर रूप से बीमार मरीज़ों को अटेंड करने वाले हेल्थकेयर वर्कर और severe acute respiratory illness के मरीज़ों को हैंडल करने वाले एम्बुलेंस सर्विस और प्रबंधन में लगे अन्य स्टाफ को हाई रिस्क की श्रेणी में रखा गया है. इन लोगों को पूरी PPE किट (N-95 मास्क, कवरऑल, लेटेक्स एग्जामिनेशन ग्लव्स, चश्मा और शू कवर) पहनना होगा. 

सभी अस्पतालों को ये भी निर्देश दिया गया है कि इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण वाले मरीज़ों को हैंडल करने के लिए अलग से एक होल्डिंग एरिया बनाया जाए ताकि कोविड सस्पेक्ट को मुख्य एरिया से अलह रखा जा सके.


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