Coronavirus: Things are improving in Delhi, but one concern remains – कोरोना वायरस : दिल्ली में सुधर रहे हालात, लेकिन एक चिंता बरकरार

एनडीटीवी इंडिया ने अपने आकलन में पाया कि 15 अगस्त से 22 अगस्त के बीच दिल्ली का औसत पॉजिटिविटी रेट 6.68% था जो 29 अगस्त से 5 सितंबर के बीच 8.59% तक पहुंच गया था. लेकिन 26 सितंबर से लेकर 3 अक्टूबर के बीच औसत पॉजिटिविटी रेट 5.62% पर आ गया है.

साप्ताहिक आकलन 

1. 26 सितंबर-3 अक्टूबर : 26 सितंबर से लेकर 3 अक्टूबर तक दिल्ली का औसत पॉजिटिविटी रेट 5.62% रहा. इस दौरान दिल्ली में 3,57,614 टेस्ट हुए जिनमें 20,108 लोग पॉजिटिव यानी संक्रमित पाए गए.

 2. 19 सितंबर-26 सितंबर : 19 से 26 सितंबर के बीच दिल्ली में कुल 3,80,736 टेस्ट हुए, 24923 लोग पॉजिटिव पाए गए और 6.54% का पॉजिटिविटी रेट रहा.

 3. 12 सितंबर- 19 सितंबर : 12 सितंबर से 19 सितंबर के बीच दिल्ली का पॉजिटिविटी रेट 7.03% रहा. इस दौरान दिल्ली में 4,09,826 टेस्ट हुए और 28,830 लोग संक्रमित पाए गए.

 4. 5 सितंबर-12 सितंबर : 5 सितंबर से 12 सितंबर के बीच दिल्ली का औसत पॉजिटिविटी रेट 7.64% था. इस दौरान 3,38,310 टेस्ट हुए और 25876 लोग संक्रमित पाए गए.

 5. 29 अगस्त-5 सितंबर :  29 अगस्त से 5 सितंबर के बीच दिल्ली का पॉजिटिविटी रेट 8.59% तक पहुंच गया था. इस दौरान 1,95,807 टेस्ट हुए और 16,827 लोग पॉजिटिव पाए गए.

 6. 22 अगस्त- 29 अगस्त : 22 से 29 अगस्त के बीच 8.32% का पॉजिटिविटी रेट रहा. इस दौरान 1,36,296 टेस्ट हुए और 11,350 लोग पॉजिटिव पाए गए.

 7. 15 अगस्त- 22 अगस्त : 15 अगस्त से 22 अगस्त के बीच दिल्ली का पॉजिटिविटी रेट 6.68% रहा. 1,20,952 टेस्ट हुए और 8088 लोग पॉजिटिव पाए गए.

टेस्ट की संख्या तीन गुना बढ़ी 

आंकड़ों में यह साफ दिखाई दे रहा है कि दिल्ली में टेस्ट की संख्या 3 गुना तक बढ़ाई गई. रोजाना 20 हजार के करीब टेस्ट 60 हज़ार तक पहुंचे और पॉजिटिविटी रेट में कमी आई. 

अस्पतालों में मरीज़ संख्या घटी 

3 अक्टूबर को जारी दिल्ली के हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि अस्पतालों में एडमिट मरीजों की संख्या 5989 हो गई है. 19 सितंबर को दिल्ली के अस्पतालों में एडमिट कोरोना मरीजों की संख्या 7000 के पार चली गई थी जो अब 10 सितंबर के बाद पहली बार 6000 के नीचे आ गई है. आपको बता दें कि दिल्ली में अस्पतालों में केवल वही मरीज एडमिट होते हैं जिनकी स्तिथि गंभीर आंकी जाती है, 60 वर्ष सर ऊपर के होते हैं या पुरानी गंभीर बीमारी से ग्रस्त होते हैं.

मौत के आंकड़े सबसे बड़ी चिंता 

बेशक दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट में कमी आ रही है और अस्पतालों में एडमिट मरीजों की संख्या भी कम हो रही है लेकिन दिल्ली के लिए बड़ी चिंता की बात है कि 15-22 अगस्त के बीच जहां 96 मौत हुईं. यानी औसत 13-14 मौत रोज़ाना. वहीं यह आंकड़ा करीब 3 गुना तक बढ़ गया है. 26 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच दिल्ली में कुल 279 मौतें हुईं, यानी करीब 40 मौत रोज़ाना.


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