नई दिल्लीः पाकिस्तान सरकार द्वारा करतारपुर कॉरिडोर को तीर्थयात्रियों के लिए फिर से खोलने के बाद भारत की ओर से प्रतिक्रिया आई है. भारत ने शनिवार (3 अक्टूबर) को कहा कि वह भारत के गुरदासपुर और गुरुद्वारा दरबार साहिब में डेरा बाबा नानक साहिब को जोड़ने वाले 4.7 किलोमीटर लंबे रास्ते से यात्रा करने की सिफारिश पर निर्णय लेगा. करतारपुर कॉरिडोर को फिर से खोलने पर एक निर्णय COVID प्रोटोकॉल के अनुसार लिया जाएगा और प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी.
प्रोटोतॉल के अनुसार होगा फिर खोलने का फैसला
पाकिस्तान के इस कदम पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘हम गृह और स्वास्थ्य मंत्रालय समेत सभी संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं. भारत की तरफ से कॉरिडोर को फिर से खोलने का निर्णय कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार लिया जाएगा और उसी के मुताबिक प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी.’ विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पिछले साल और करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के समय और अक्टूबर 2019 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय समझौते में, यह निर्णय लिया गया था कि दोनों पक्ष बुध रवि चैनल पर एक पुल के निर्माण सहित अपेक्षित बुनियादी ढांचे की स्थापना करेंगे.
ये भी पढ़ें- पूर्व पीएम मनमोहन सिंह करेंगे पाकिस्तान में करतारपुर साहिब गुरुद्वारे का दौरा
पुल निर्माण में पाकिस्तान ने नहीं की प्रगति
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि एक साल बाद, पाकिस्तान को पुल का निर्माण करना बाकी है जबकि यह हमारी और से तैयार है. पाकिस्तान के साथ एक तकनीकी बैठक भी हुई और 27 अगस्त 2020 को दो टीमों की बैठक हुई. हालांकि, पाकिस्तान की ओर से कोई प्रगति नहीं हुई है. जानकारी के लिए बता दें कि करतारपुर कॉरिडोर, 4.7 किलोमीटर लंबा मार्ग जो भारत के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक और पाकिस्तान के करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को जोड़ता है. पिछले साल इसका उद्घाटन किया गया था. COVID-19 महामारी के मद्देनजर मार्च में भारत ने करतारपुर कॉरिडोर को बंद कर दिया था.
पाकिस्तान की सरकार ने भी करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तानी नागरिकों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. यह जून में संक्षिप्त रूप से महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि मनाने के लिए फिर से शुरू किया गया था, जिसमें भारत ने पाकिस्तान की पेशकश को खारिज कर दिया था और अपनी तरफ से गलियारे को खोलने से इंकार कर दिया था.

