COVID-19: भारत के इस शहर में बन रहे न्यूयॉर्क जैसे हालात? | COVID-19: Things like New York being built in this city of India?

नई दिल्‍ली : देश में सरकार द्वारा पूरी ताकत झोंक देने के बाद भी कोरोनावायरस संक्रमण के मामले और इससे होने वाली मौतों की संख्‍या में लगातार इजाफा हो रहा है. सबसे बुरी स्थिति देश वित्तीय राजधानी – मुंबई की है, जो देश में कोरोनावायरस का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है. अकेले मुंबई में दर्ज किए गए COVID-19 मामलों की संख्‍या साढे पांच हजार से अधिक है. जबकि पूरे देश में मामलों की संख्‍या 29,500 है. इतना ही नहीं भारत में कोविड-19 के कारण हुई मौतों में से चौबीस फीसदी केवल मुंबई में हुई हैं.

देश में कोविड-19 का हर सातवां मामला मुंबई से 
इस घातक वायरस को लेकर मुंबई के जो हालात हैं, वे ठीक नहीं हैं. भारत में COVID-19 का हर सातवां मामला मुंबई से आया है और भारत में हर चौथी मौत भी इसी वित्तीय केंद्र से हुई है. मुंबई के ये हालात इसे दुनिया का एक ऐसा शहर बनाते हैं, जो दुनिया में कोविड-19 का एपिसेंटर बन गया है. वो शहर है – न्यूयॉर्क.

हालांकि अभी न्यूयॉर्क की तुलना में मुंबई में COVID-19 की स्थिति कम गंभीर है, लेकिन मुंबई भारत के लिए उतना ही गंभीर हो सकता है जितना कि अमेरिका के लिए ये शहर. वर्तमान में मुंबई की मृत्यु दर 3.9 प्रतिशत है, जो भारत की औसत मृत्यु दर से अधिक है जो कि 3.2 प्रतिशत है. वहीं न्यूयॉर्क में मृत्यु दर 7.7 प्रतिशत है जो देश की मृत्यु दर 5.6 प्रतिशत से अधिक है.

दोनों के इस हालात में पहुंचने का कारण भी एकसमान 
तो भारत में वायरस के लिए मुंबई क्यों आकर्षण का केंद्र बन गया है? इस प्रश्न का उत्तर भी न्यूयॉर्क जैसा ही है. मुंबई, संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयॉर्क की तरह, भारत में सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है.  मुंबई में प्रति वर्ग मील कम से कम 73,000 लोग रहते हैं. न्यूयॉर्क शहर में प्रति वर्ग मील 28,000 लोग रहते हैं.

मुंबई देश की वित्तीय राजधानी है जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए न्यूयॉर्क शहर.  दोनों शहरों का महानगरीय स्वरूप विभिन्न जातियों, संस्कृतियों और आर्थिक पृष्ठभूमि के लोगों को आकर्षित करता है. यहां देश के लगभग हर हिस्‍से से आकर लोग बसते हैं.  

जिस तरह मुंबई मनोरंजन उद्योग का घर है वैसे ही न्यूयॉर्क भी संयुक्त राज्य अमेरिका का सांस्कृतिक केंद्र है. यह ब्रॉडवे थियेटर, कला और संग्रहालयों दोनों का प्रमुख पर्यटन स्थल है. न्यूयॉर्क में हर साल लगभग 60 मिलियन पर्यटकों की भीड़ देखी जाती है. वहीं  मुंबई में हर साल 10 मिलियन के करीब पर्यटक आते हैं.

दोनों शहर सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर  
COVID-19 का दो शहरों में ऐसा प्रकोप क्यों हुआ, इसका एक और पहलू यह है कि न्यूयॉर्क और मुंबई दोनों शहर अपने सार्वजनिक परिवहनों पर खासे निर्भर हैं.  मुंबई में रोजाना 8 मिलियन यानि कि 80 लाख से अधिक लोग लोकल ट्रेनों में सफर करते हैं. 

न्यूयॉर्क में भी लगभग 5 मिलियन यानि कि 50 लाख लोग रोजाना सबवे की सवारी करते हैं. न्यूयॉर्क ने 11 मार्च को कोरोनावायरस से पहली मौत की सूचना दी और संयोग से उसी दिन मुंबई में भी पहला मामला दर्ज हुआ.  विशेषज्ञों की माने तो मुंबई की पहली मौत 17 मार्च को हुई थी. उनके मुताबिक मुंबई न्यूयॉर्क से 29 दिन पीछे हो सकता है.

न्यूयॉर्क सिटी में बेशक 160,000 से अधिक COVID-19 मामलों और 12,200 से अधिक मौतों का एक बड़ा प्रकोप रहा है. वहीं महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में इस वायरस के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए बहुत सख्त लॉकडाउन लागू किया है लेकिन अगर मुंबई सावधान नहीं रही तो यह भी वायरस के लिए केन्‍द्र बन सकता है. 

 




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