लड़की के पिता ने यह भी कहा कि अगर अधिकारियों ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो उसने आत्महत्या कर ली होती, लेकिन पुलिस ने उसे ऐसा करने से रोक दिया और उसके खिलाफ आत्महत्या की कोशिश करने का मामला दर्ज कर लिया.
पिता स्वामिनाथन ने यह भी कहा कि उन्होंने जाति की वजह से शादी का विरोध नहीं किया बल्कि दूल्हा और दुल्हन की उम्र में जो अंतर है उसकी वजह से उन्हें आपत्ति है. साथ ही वो ठगा हुआ और डरा हुआ महसूस करते हैं.
राज्य के कल्लाकुरिची विधानसभा क्षेत्र जो कि एक आरक्षित सीट है, से विधायक ए प्रभु ने अपनी नई नवेली दुल्हन के साथ एक वीडियो जारी किया जिसमें वो बता रहे हैं कि वो चार महीने से एक दूसरे से प्यार करते थे.
प्रभु ने कहा कि उनके परिवार, जो अन्नाद्रमुक के सदस्य भी हैं, ने युवती के परिवार से संपर्क किया था ताकि शादी करने की इजाजत मिले लेकिन इसके बदले उन्हें झिड़क दिया गया.
लेकिन उन लोगों ने शादी करने का फैसला किया जो कि सोमवार को विधायक के घर पर ही हुई और उसमें उनके माता-पिता समेत परिवार के कई सदस्य शामिल हुए.
प्रभु ने NDTV से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ससुराल वालों से उनके रिश्ते जल्द ही सुधर जाएंगे.
विधायक ने बताया, ’30 साल की उम्र तक मैं राजनीति में व्यस्त रहा. उसके बाद जब मैं चुना गया तो मेरे परिवार वालों ने मेरे लिए लड़की ढूंढी लेकिन तब अम्मा (पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता) का निधन हो गया और मेरा दिल टूट गया और मैंने शादी नहीं की. लेकिन लॉकडाउन के दौरान हमें एक-दूसरे को करीब से जानने का मौका मिला और हमें प्यार हो गया.’
उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी पत्नी के पिता को कई सालों से जानता हूं और हमारे करीबी संबंध रहे हैं. यहां तक कि उन्होंने मुझे अपने हाथों से खिलाया भी है और मेरी सफलता के लिए प्रार्थना भी की है. मुझे लगता है कि कुछ राजनीति ताकतों ने उनके मन में मेरे खिलाफ जहर भर दिया है.’
जब उनसे पूछा गया कि इस अंतरजातीय विवाह का उनके राजीनतिक करियर पर क्या प्रभाव होगा तो उन्होंने कहा कि राजनीति सार्वजनिक जीवन है जबकि शादी मेरी निजी जिंदगी. मुझे नहीं लगता कि मैं दोनों को एक साथ लाता हूं.’
इस बीच, लड़की के पिता ने यह भी दावा किया है कि शादी से पहले के दिनों में उनकी बेटी “लापता” हो गई थी, साथ ही अपहरण का आरोप भी लगाया. हालांकि, अपने वीडियो में, प्रभु ने ऐसे किसी भी दावे से इनकार किया कि उन्होंने युवती का अपहरण किया था.
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