जौरा/मुरैना। जौरा जनपद पंचायत में न्याय और पारदर्शिता की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से जारी आमरण अनशन आखिरकार समाप्त हो गया। जिला पंचायत CEO द्वारा 15 दिनों के भीतर मांगों पर जांच और नियमानुसार कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद अनशनकारी जनपद सदस्यों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।जनपद पंचायत में कथित अनियमितताओं को लेकर जनपद सदस्य मुनीन खान, सोनू निगम और ओमप्रकाश सिकरवार (जनपद सदस्य पति) सहित अन्य साथी सदस्य आमरण अनशन पर बैठे थे। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के समक्ष लगातार आवाज उठाई।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिला पंचायत CEO ने जौरा SDM की मौजूदगी में धरना स्थल पर पहुंचकर अनशनकारी सदस्यों से चर्चा की। इस दौरान उनकी मांगों पर विचार करते हुए 15 दिनों के भीतर सभी 10 बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराने और नियमानुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का लिखित आश्वासन दिया गया।इसके बाद जिला पंचायत CEO ने स्वयं अनशन पर बैठे मुनीन खान, सोनू निगम और ओमप्रकाश सिकरवार को नारियल पानी पिलाकर अनशन स्थगित कराया।
15 दिन में जांच और कार्रवाई का इंतजारअनशन स्थगित होने के बाद आंदोलनकारियों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि लिखित आश्वासन के आधार पर 15 दिनों के लिए धरना और अनशन स्थगित किया गया है। उन्हें उम्मीद है कि तय समय-सीमा में जांच पूरी कर न्यायसंगत कार्रवाई की जाएगी।आंदोलनकारियों ने इस दौरान साथ देने वाले आम नागरिकों, युवाओं और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। अब प्रशासन के सामने आश्वासन के अनुरूप निर्धारित समय में जांच पूरी कर कार्रवाई करने की चुनौती है।


