मास्को: मास्को: गेमालेया रिसर्च सेंटर (Gamaleya research centre) ने वर्तमान में अस्तित्व में आ चुकी कोरोना वैक्सीन की प्रभावी क्षमता के बारे में अनुमान लगाया है. विज्ञान शोध केंद्र के उप निदेशक, डेनिस लोगुनोव (Denis Logunov) के मुताबिक कोरोनो वायरस से सुरक्षा देने में कौन सी वैक्सीन कितनी असरदार साबित होगी इसे लेकर एफीसिएंसी रेट जारी की गई है.
Sputnik V:Immunity from COVID-19- 2 साल
सेंटर के शोध के मुताबिक कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता देने के मामले में रूसी (Russia) कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) Sputnik V फिलहाल ज्यादा प्रभावी है. सेंटर ने अमेरिका, रूस और अन्य देशों में बनी वैक्सीन का अध्यन करके तुलनात्मक आंकड़े जारी किए हैं.
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Sputnik V Vs Pfizer & BioNTech
तुलनात्मक शोध के मुताबिक रूस की स्पुतनिक V की तुलना में Pfizer और BioNTech की कोरोना वैक्सीन, लोगों को सिर्फ 4 से 5 महीने तक के लिए ही सुरक्षित रख सकेगी. लोगुनोव के मुताबिक जिन लोगों को वैक्सीन की दो खुराक दी गई उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता की दर 91.4 प्रतिशत पाई गई. चूंकि दोनों टीकों के बीच 21 दिन का गैप रखना होता है इसलिए नतीजों के लिए 21 दिन के अंतराल का भी ध्यान रखना होता है.
संयुक्त बयान में ये भी कहा गया कि स्पुतनिक V वैक्सीन का प्रभावकारिता विश्लेषण प्लेसबो ग्रुप (Placebo group) के 78 पुष्ट मामलों के आधार पर जारी किया गया है.
वैश्विक कोरोना टीकाकरण का आंकलन
रूस में बीते सोमवार तक 26,000 से ज्यादा वालंटियर्स ने देश के 29 चिकित्सा केंद्रों पर चल रहे टीकाकरण की टेस्टिंग के नतीजों के अध्यन में शामिल हुए थे. वर्तमान में, बेलारूस, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), और वेनेजुएला जैसे देशों में फेज-3 के ट्रायल चल रहे हैं.
इस बीच भारत में भी कोरोना वैक्सीन का निर्माण अंतिम चरण में हैं और जल्द ही भारत की स्वदेशी कोरोना वैक्सीन को लेकर खुशखबरी आने वाली है.
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