DNA ANALYSIS: What will the society of robots be like after 30 years | DNA ANALYSIS: 30 सालों बाद कैसा होगा रोबोट्स वाला समाज!

नई दिल्ली: आज से करीब 30 वर्षों के बाद आप घर में बैठकर रोबोट्स को कंट्रोल कर पाएंगे, और ये उतना ही आसान होगा जितनी आसानी से आप इस समय रिमोट कंट्रोल की मदद से अपने टीवी को कंट्रोल करते हैं. 

ये बातें आपको काल्पनिक लग रही होंगी लेकिन जल्द ही ये बातें सच हो सकती हैं. जापान की सरकार ने वर्ष 2050 तक एक फ्यूचरिस्टिक सोसाइटी यानी भविष्य के एक समाज की स्थापना का लक्ष्य रखा है. इसे ‘Society 5.0’ कहा जाएगा और इस प्रोग्राम का नाम है… Moonshot Research & Development Program.

भविष्य में आप अकेले ही 10 लोगों के बराबर काम कर पाएंगे और इसमें आपकी मदद करेंगे आपके अवतार.  अब आप आसान भाषा में समझिए कि ऐसा कैसे होगा. 

वर्ष 2030 तक Artificial Intelligence यानी AI और बहुत तेज रफ्तार से काम करने वाले नेटवर्क की मदद से आप अपने 10 रोबोट्स या 10 अवतार को कंट्रोल कर पाएंगे. इस नई तकनीक की मदद से आप अपने घर में बैठे-बैठे अपने अवतार से कनेक्ट हो जाएंगे. ये अवतार आपके आदेश का पालन करते हुए हर तरह के काम करेंगे. इनकी मदद से आप किसी जगह पर शारीरिक तौर पर पहुंचे बिना ही, अपना काम कर पाएंगे और वर्ष 2050 तक आप अपने एक हजार अवतार को कंट्रोल कर पाएंगे. 

यानी भविष्य में ऐसा हो सकता है कि सुबह में आप भारत में सोकर उठें और थोड़ी देर के बाद आप अमेरिका में मौजूद अपने एक अवतार से कनेक्ट होकर न्यूयॉर्क की सड़कों पर घूमने लगें. इसी दौरान अपने दूसरे अवतार की मदद से आप लंदन भी पहुंच जाएं. यानी हजारों किलोमीटर दूर दुनिया के किसी भी देश में जाने के लिए आपको किसी पासपोर्ट, वीजा या हवाई यात्रा की जरूरत नहीं होगी. ये काम आपके अवतार करेंगे. 

वर्ष 2009 में अवतार नामक एक फिल्म भी इसी कल्पना पर आधारित थी. शायद आपने भी वो फिल्म देखी हो. लेकिन अब जापान इस कल्पना को सच में बदलने जा रहा है. 

वर्ष 2030 तक जापान में हर तीन में से एक व्यक्ति की उम्र 65 वर्ष से ज्यादा होगी और हर 5 में से एक व्यक्ति की उम्र 75 वर्ष होगी और इन बुजुर्ग लोगों के लिए ये तकनीक बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है. 

कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान भविष्य के इस रोबोट वाले समाज की शुरुआत हो चुकी है. पिछले कुछ महीनों में रोबोट्स का इस्तेमाल अस्पतालों को सैनिटाइज करने, मरीजों को खाना पहुंचाने और उनकी जांच के लिए किया गया है.
जापान में एक होटल में कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों को रखा गया है और इनकी देखभाल यहां मौजूद रोबोट्स कर रहे हैं.

जर्मनी के फ्रेंकफर्ट एयरपोर्ट में एक रोबोट का इस्तेमाल यात्रियों में संक्रमण की जांच के लिए किया जा रहा है. 

एक अनुमान के मुताबिक वर्ष 2025 तक दुनिया में रोबोटिक्स का बाजार करीब 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा. हालांकि अभी ये रोबोट्स सिर्फ आपकी मदद कर सकते हैं, यानी इनमें इंसानों की तरह सोचने की क्षमता नहीं है. और ये अपनी क्षमता से किसी काम को पूरा भी नहीं कर सकते हैं, पर इन रोबोट्स में विकास की बहुत संभावनाएं हैं. और कोरोना वायरस जैसी महामारी में इंसानों की मदद करके इन्होंने भविष्य का रास्ता दिखा दिया है. 




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