doctor kafeel khan over speculations of him joining congress says not joining politics at all – 7 महीनों बाद जेल से रिहा हुए डॉक्टर कफील खान ने राजनीति में आने को लेकर कहा- डॉक्टर हूं और…

कफील खान रिहा होने के बाद राजस्थान गए, जिसके बाद उठी थीं अटकलें. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • कफील खान ने राजनीति में आने की अटकलों पर लगाया विराम
  • कांग्रेस जॉइन करने की लग रही थीं अटकलें
  • कहा- किसी पार्टी में नहीं जा रहा

लखनऊ:

भड़काऊ भाषण के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (National Security Act-NSA) के तहत गिरफ्तारी के बाद जेल से हाल में रिहा किए गए डॉक्टर कफील खान  (Doctor Kafeel Khan) ने कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा है कि वह डॉक्टर और डॉक्टर ही बने रहना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि वो कांग्रेस ही नहीं, कोई दूसरी पार्टी भी जॉइन करने का नहीं सोच रहे हैं.

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इस वक्त राजस्थान में मौजूद कफील ने सोमवार को टेलीफोन पर बताया कि वह कांग्रेस ही नहीं बल्कि किसी भी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होंगे. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसी अन्य मामले में फंसाए जाने की आशंका के मद्देनजर मानवता के आधार पर मेरी मदद की थी लेकिन इसका यह मतलब नहीं लगाया जाना चाहिए कि मैं कांग्रेस में शामिल होने जा रहा हूं.’

कफील ने कहा, ‘प्रियंका से राजनीति के सिलसिले में कोई भी बात नहीं हुई है और ना ही प्रियंका की तरफ से मुझे किसी तरह का कोई संकेत मिला है.’ उन्होंने कहा, ‘पिछले एक सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद जब मेरी रिहाई में देरी हुई तो यह आशंका होने लगी कि उत्तर प्रदेश सरकार मुझे फिर किसी मामले में फंसाने की तैयारी कर रही है. राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है और मथुरा से भरतपुर का रास्ता महज 20 मिनट का है, लिहाजा प्रियंका ने मुझे भरतपुर आने की पेशकश की थी.’

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कफील ने प्रियंका का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उनकी मेहरबानी से उन्हें राजस्थान में सुरक्षा मिल गई है. कफील ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वह उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में अपने पद पर बहाल करें ताकि वह लोगों की सेवा कर सकें. उन्होंने कहा कि वह बिहार के बाढ़ग्रस्त इलाकों में जाकर पीड़ित लोगों की सहायता करना चाहते हैं और उन्होंने इसके लिए तैयारी भी कर ली है.

बता दें कि पिछले साल दिसंबर में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित भड़काऊ भाषण के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जेल में बंद कफील को गत एक सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फौरन रिहा करने के आदेश दिए थे, जिसके बाद उन्हें देर रात मथुरा जेल से रिहा कर दिया गया था.

Video: डॉ कफील खान ने कहा,’ मुझे डर लगा, एनकाउंटर न हो जाए’

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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