Education Minister Wrote A Letter To Village Pradhan From Operation Kayakalp

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ललितपुर। प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने आपरेशन ‘कायाकल्प’ को लेकर ग्राम प्रधानों को पत्र लिखा है। इसका मकसद तय समयावधि में विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं से लैस कर शैक्षिक वातावरण का सृजन करना है। इस कार्य में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिवों का सहयोग लिया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने ग्राम प्रधानों को लिखी पाती में कहा है कि ग्राम पंचायतें हमारे लोकतंत्र की बुनियादी इकाई हैं। वहीं, प्राथमिक विद्यालयों में हमारे सुनहरे भविष्य की नींव रखी जाती है, इसलिए प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है, जिससे उनमें अपेक्षित शैक्षिक वातावरण का सृजन हो सके। सरकार ने यह निर्णय लिया है कि 14 वें वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, ग्राम निधि और अन्य मद से पोषित आपरेशन कायाकल्प के तहत प्राथमिकता से प्राथमिक विद्यालयों और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को संतृप्त किया जाना है। इस क्रम में 31 मार्च 2020 तक बेसिक शिक्षा विभाग के सभी विद्यालयों को ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत संतृप्त किया जाएगा।
पहले चरण में ऐसे कार्यों को पूर्ण किया जाना है, जो अधिक वरीयता में हैं। इनमें ब्लैक बोर्ड, छात्र-छात्राओं के लिए उनकी संख्या के अनुरूप अलग-अलग शौचालय एवं मूत्रालय की व्यवस्था और उसकी क्रियाशीलता। स्वच्छ पेयजल एवं मल्टीपल हैंडवाशिंग सिस्टम की सुविधा एवं जल निकासी का कार्य, विद्यालय की दीवारों, छत एवं दरवाजे, खिड़की, फर्श की वृहद मरम्मत, फर्श में टाइल्स, विद्युतीकरण, किचेन शेड का जीर्णोद्धार एवं सुज्जीकरण, रंगाई-पुताई, द्वितीय वरीयता में चहारदीवारी, गेट निर्माण, इंटरलॉकिंग टाइल्स विद्यालय प्रांगण में, अतिरिक्त कक्षा कक्ष निर्माण एवं स्थलीय आवश्यकतानुुसार कार्य किए जाने हैं। शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था बाल मैत्रिक संरचना के अनुरूप किए जाने चाहिए।
इस दौरान दिव्यांग छात्र-छात्राओं की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए। आपरेशन कायाकल्प के तहत प्रस्तावित कार्यो का आगणन किया जाना आवश्यक है। एक ही कार्य के लिए दो मदों से धन खर्च नहीं होना चाहिए। जिस विद्यालय में कायाकल्प योजना के तहत कायाकल्प संबंधी कार्य किए जाए, उसके मुख्य भवन के एक ऐसे भाग पर पेंटिंग से लिखा जाए, जहां आम व्यक्ति आसानी से उसे पढ़ सकें। इसमें कार्यो का वर्ष, विवरण, अलग-अलग इकाई लागत, कार्यो की पूर्ण होने की संभावित तिथि लिखी जाएगी। इस कार्य में प्रभावी मार्गदर्शन एवं सक्रिय सहयोग अपेक्षित है।

ललितपुर। प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने आपरेशन ‘कायाकल्प’ को लेकर ग्राम प्रधानों को पत्र लिखा है। इसका मकसद तय समयावधि में विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं से लैस कर शैक्षिक वातावरण का सृजन करना है। इस कार्य में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिवों का सहयोग लिया जा रहा है।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने ग्राम प्रधानों को लिखी पाती में कहा है कि ग्राम पंचायतें हमारे लोकतंत्र की बुनियादी इकाई हैं। वहीं, प्राथमिक विद्यालयों में हमारे सुनहरे भविष्य की नींव रखी जाती है, इसलिए प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है, जिससे उनमें अपेक्षित शैक्षिक वातावरण का सृजन हो सके। सरकार ने यह निर्णय लिया है कि 14 वें वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, ग्राम निधि और अन्य मद से पोषित आपरेशन कायाकल्प के तहत प्राथमिकता से प्राथमिक विद्यालयों और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को संतृप्त किया जाना है। इस क्रम में 31 मार्च 2020 तक बेसिक शिक्षा विभाग के सभी विद्यालयों को ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत संतृप्त किया जाएगा।
पहले चरण में ऐसे कार्यों को पूर्ण किया जाना है, जो अधिक वरीयता में हैं। इनमें ब्लैक बोर्ड, छात्र-छात्राओं के लिए उनकी संख्या के अनुरूप अलग-अलग शौचालय एवं मूत्रालय की व्यवस्था और उसकी क्रियाशीलता। स्वच्छ पेयजल एवं मल्टीपल हैंडवाशिंग सिस्टम की सुविधा एवं जल निकासी का कार्य, विद्यालय की दीवारों, छत एवं दरवाजे, खिड़की, फर्श की वृहद मरम्मत, फर्श में टाइल्स, विद्युतीकरण, किचेन शेड का जीर्णोद्धार एवं सुज्जीकरण, रंगाई-पुताई, द्वितीय वरीयता में चहारदीवारी, गेट निर्माण, इंटरलॉकिंग टाइल्स विद्यालय प्रांगण में, अतिरिक्त कक्षा कक्ष निर्माण एवं स्थलीय आवश्यकतानुुसार कार्य किए जाने हैं। शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था बाल मैत्रिक संरचना के अनुरूप किए जाने चाहिए।
इस दौरान दिव्यांग छात्र-छात्राओं की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए। आपरेशन कायाकल्प के तहत प्रस्तावित कार्यो का आगणन किया जाना आवश्यक है। एक ही कार्य के लिए दो मदों से धन खर्च नहीं होना चाहिए। जिस विद्यालय में कायाकल्प योजना के तहत कायाकल्प संबंधी कार्य किए जाए, उसके मुख्य भवन के एक ऐसे भाग पर पेंटिंग से लिखा जाए, जहां आम व्यक्ति आसानी से उसे पढ़ सकें। इसमें कार्यो का वर्ष, विवरण, अलग-अलग इकाई लागत, कार्यो की पूर्ण होने की संभावित तिथि लिखी जाएगी। इस कार्य में प्रभावी मार्गदर्शन एवं सक्रिय सहयोग अपेक्षित है।




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